कॉकरोच जनता पार्टी नोएडा- गाजियाबाद चींटी जनता पार्टी बिल्डर पंजाब-हरियाणा बिहार-झारखंड क्राइम न्यूज़ फिल्म न्यूज राजनीतिक न्यूज लाइफस्टाइल जरा हटके खेल जर्नल नॉलेज

---Advertisement---

गाजियाबाद में कोचिंग सेंटरों पर गिरी गाज, 62 संस्थान सील

Ghaziabad News: जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में टीमों ने संस्थान संचालकों से फायर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मांगे। जब ये संस्थान वैध फायर एनओसी पेश नहीं कर पाए, तो प्रशासन ने बिना किसी रियायत के 62 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।

गाजियाबाद प्रशासन ने की सुरक्षा की पड़ताल

HIGHLIGHTS

  • फायर एनओसी नहीं होने पर बड़ी कार्रवाई
  • लखनऊ हादसे के बाद गाजियाबाद में ऐक्शन
  • 35 कोचिंग सेंटरों को दमकल विभाग का नोटिस
  • बच्चों की जान से खिलवाड़ पर प्रशासन सख्त
  • जीडीए और दमकल विभाग ने चलाया अभियान

Ghaziabad News: यूपी राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रशासनिक महकमे को एक बड़ा सबक सिखा दिया है। इस हादसे के बाद जहां एक ओर आमजन में आग से निपटने के इंतजामों को लेकर गंभीर चिंता देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को एक बड़े स्तर पर सुरक्षा अभियान चलाया। इस अभियान का दायरा काफी व्यापक था, जिसमें गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और अग्निशमन विभाग ने मिलकर कड़ाई का पहलू अख्तियार किया।

अभियान के पहले ही दिन जीडीए ने 62 कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया, जबकि अग्निशमन विभाग ने 35 अन्य संस्थानों को कड़ी चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई इन संस्थानों द्वारा फायर एनओसी न रखने और बच्चों की जान से खिलवाड़ करने जैसी गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए की गई है।

जीडीए का सख्त रुख

लखनऊ के दर्दनाक हादसे पर संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर भर में 206 ऐसे भवनों की सूची तैयार की थी, जहां कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। मंगलवार को जीडीए की विभिन्न जोन टीमों ने इन भवनों का औचक निरीक्षण किया।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में टीमों ने संस्थान संचालकों से फायर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मांगे। जब ये संस्थान वैध फायर एनओसी पेश नहीं कर पाए, तो प्रशासन ने बिना किसी रियायत के 62 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।

35 संस्थानों को नोटिस

जीडीए की कार्रवाई के समानांतर, अग्निशमन विभाग ने भी अपने स्तर पर सुरक्षा ऑडिट का अभियान छेड़ा दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल की टीम ने शहर के 81 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों की बारीकी से जांच की। इस जांच का दायरा काफी विस्तृत था, जिसमें अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी सही स्थिति, और विद्युत सुरक्षा मानकों की पड़ताल शामिल थी।

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 35 ऐसे कोचिंग संस्थान सामने आए, जहां सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हालत बेहद खस्ता थी। हालांकि ये संस्थान फायर एनओसी के दायरे में नहीं आते थे, लेकिन यहां आने वाले छात्र-छात्राओं की जान के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा था। दमकल विभाग ने तत्काल इन 35 संस्थानों को नोटिस जारी कर दिए हैं और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो इनके खिलाफ जिलाधिकारी (DM) को विस्तृत रिपोर्ट भेजकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैंक्वेट हॉल और हॉस्टल की जांच

कोचिंग सेंटरों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने भी शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर नजर गड़ा दी है। लोनी क्षेत्र में एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य और एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने पुलिस बल और दमकल विभाग की संयुक्त टीम के साथ जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने ‘कस्तूरबा गांधी गर्ल्स हॉस्टल’ का निरीक्षण किया। हॉस्टल में अग्निशमन उपकरणों और आपात निकास द्वारों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वहीं, एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा के नेतृत्व में मोदीनगर में भी इसी तरह का अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया।

इंदिरापुरम क्षेत्र में पुलिस ने बड़े बैंक्वेट हॉल्स पर शिकंजा कसा। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में कई बैंक्वेट हॉल्स में अग्निशमन के बुनियादी इंतजाम नहीं मिले। लापरवाही बरतने पर ग्रीन औरा, जलसा/संसारा, गोल्डन मोमेंट्स, व्हाइट रोज और सिल्वर स्पून जैसे पांच बड़े बैंक्वेट हॉल्स को नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 48 घंटे के भीतर सुरक्षा इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच में सामने आईं ये खतरनाक कमियां

प्रशासन और दमकल विभाग की संयुक्त टीम जब इन कोचिंग सेंटरों की जांच कर रही थी, तो कुछ ऐसी लापरवाहियां सामने आईं, जो किसी भी बड़े हादसे को न्यौता दे सकती हैं:

  • सीढ़ियों पर बिजली के मीटर: आपातकाल में सीढ़ियां ही एकमात्र रास्ता होती हैं, लेकिन वहां बिजली के मीटर लगे होने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
  • लकड़ी का अत्यधिक उपयोग: परिसर में ज्यादा लकड़ी का सामान रखना आग को तेजी से फैलाने का काम करता है।
    * एसी यूनिट्स की गलत जगह: निकास मार्गों या सीढ़ियों पर एसी की यूनिट लगी होने से रास्ता संकरा हो जाता है और आग लगने पर बचना नामुमकिन हो जाता है।
  • बुनियादी उपकरणों की कमी: अधिकांश संस्थानों में सामान्य अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तक मौजूद नहीं थे।
  • आपातकालीन निकास का अभाव: सबसे बड़ी कमी यह थी कि भीड़भाड़ वाले इन सेंटरों में इमरजेंसी एग्जिट गेट ही नहीं बनाए गए थे।

अधिकारियों के बयान

इस पूरे अभियान पर बात करते हुए जीडीए के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि शहर के कोचिंग संस्थानों की मंगलवार को जांच की गई। 62 संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली। इन्हें तत्काल सील किया गया है। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जांच अभियान के पहले दिन हमने 81 कोचिंग सेंटरों की जांच की। गंभीर लापरवाही मिलने पर 35 को नोटिस जारी किया गया है। यह सिर्फ पहले दिन की कार्रवाई है। इन संस्थानों के खिलाफ विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, ताकि और सख्त कदम उठाए जा सकें।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now