संध्या समय न्यूज संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों से ठीक पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातों में अग्रिम राशि डालने पर रोक लगा दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि योजना का नियमित लाभ जारी रह सकता है, लेकिन जनवरी महीने की राशि अग्रिम रूप से नहीं दी जा सकती। राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं और इसके चलते आदर्श आचार संहिता लागू है।
मकर संक्रांति से पहले राशि देने की खबरों पर उठा विवाद
बता दें कि हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें सामने आई थीं कि मकर संक्रांति से पहले लाडकी बहनों के खातों में दिसंबर और जनवरी की 3000 रुपये की राशि जमा की जाएगी। इन खबरों के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग को कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से योजना को लेकर सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा।
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चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश
बता दें कि मुख्य सचिव द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 नवंबर 2025 को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता से संबंधित समेकित आदेश जारी किए थे। चुनाव से पहले शुरू की गई योजनाएं जारी रखी जा सकती हैं। लेकिन किसी भी योजना का लाभ अग्रिम रूप से देना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। इसी आधार पर आयोग ने फैसला दिया कि नियमित किस्त दी जा सकती है, जनवरी की राशि अग्रिम नहीं दी जा सकती, इस दौरान नए लाभार्थियों को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
क्या है लाडकी बहिन योजना?
लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का अहम कारण माना जाता है, हाल ही में बीजेपी नेता और मंत्री **गिरीज महाजन** ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया था कि दिसंबर और जनवरी की संयुक्त किस्त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से मकर संक्रांति का विशेष उपहार होगी।
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चुनाव आयोग का सख्त रुख
हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की लोक-लुभावन घोषणा या अग्रिम लाभ वितरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

























