संध्या समय न्यूज
Mumbai News: महाराष्ट्र विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दौरान विधान भवन को मिली बम धमकी आखिरकार एक ‘होक्स’ (झूठी चेतावनी) साबित हुई है। गुरुवार को आधिकारिक ई-मेल के जरिए मिली इस चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन गहन जांच और सर्च ऑपरेशन के बाद पता चला कि परिसर में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं है। इस घटना के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को आश्वस्त किया है कि परिसर पूरी तरह से सुरक्षित है और विधानसभा की कार्यवाही बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
तीन घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
धमकी मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक अलर्ट पर कर दिया गया। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने विधान भवन परिसर का चप्पे-चप्पे छानबीन किया। करीब तीन घंटे तक चले इस सघन अभियान के दौरान वीआईपी (VIP) और मंत्रियों के आवाजाही पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। एहतियात के तौर पर परिसर को आंशिक रूप से खाली भी कराया गया, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने किसी भी संदिग्ध वस्तु को नहीं पाया और अंततः ‘ऑल क्लियर’ का सिग्नल दिया।
‘लोकतंत्र के मंदिर को धमकियों से नहीं झुकने दूंगा’
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक शरारतपूर्ण कृत्य प्रतीत होता है, जिसका मकसद सत्र की कार्यवाही में बाधा डालना था। उन्होंने स्पष्ट किया, “विधान भवन लोकतंत्र का मंदिर है और इसे किसी भी तरह की धमकी के दबाव में नहीं आने दिया जाएगा। परिसर पूरी तरह से सुरक्षित है और बजट सत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा निर्बाध रूप से जारी रहेगी।”
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साइबर सेल ने लगाई जड़ तक पहुंचने की कोशिश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में बयान देते हुए कहा कि मुंबई पुलिस की साइबर सेल इस झूठे ई-मेल की जड़ तक पहुंचने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया, “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ई-मेल को विदेशी सर्वर या वीपीएन (VPN) का उपयोग कर भेजा गया है ताकि प्रेषक की पहचान छिपाई जा सके। पुलिस इस मामले में शामिल लोगों की जल्द ही पहचान कर लेगी।” फडणवीस ने आश्वासन दिया कि अफवाह फैलाने वाले और दहशत पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है और विधायकों व कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

























