Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों लगातार संकटों से जूझ रही है। गैस सिलेंडरों की पैनिक बुकिंग और मध्य पूर्व के युद्ध से उपजे तेल संकट की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि दिल्लीवालों के सामने पानी के गंभीर संकट का पहाड़ खड़ा हो गया है। दिल्ली की प्यास बुझाने वाले प्रमुख स्रोत चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिससे शहर की आधी आबादी के लिए पानी की आपूर्ति अगले चार दिनों के लिए ठप होने की आशंका बन गई है।
क्या है हादसा?
चंद्रावल वाटर वर्क्स-II के पंप हाउस के पास एक मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। इससे निकला लाखों लीटर पानी पंप हाउस में भर गया, जिसकी वजह से पूरा सिस्टम जलमग्न हो गया। हादसे की वजह से पंपिंग पूरी तरह से ठप हो गई है और प्लांट की मौन मोटरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि अगले कुछ दिन दिल्लीवासियों के लिए अग्निपरीक्षा साबित होने वाले हैं।
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भारी नुकसान, मरम्मत में 3-4 दिन का समय
पानी के घर में भर जाने के कारण उच्च वोल्टेज (हाई टेंशन) मोटरें, स्टार्टर और मुख्य इलेक्ट्रिकल पैनल सहित कई संवेदनशील उपकरण पूरी तरह भीग गए हैं और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी मरम्मत काफी जटिल है।बताया गया है कि पंप हाउस से पानी निकालने और फिर भीगे हुए इलेक्ट्रिकल उपकरणों को सुखाकर चालू करने में कम से कम 3 से 4 दिन का समय लगेगा। जब तक मोटर और पैनल पूरी तरह सूख नहीं जाते, पंपिंग शुरू करना खतरनाक हो सकता है। भारी तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए विशेषज्ञ एजेंसियां मौके पर तैनात कर दी गई हैं और युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
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प्रभावित इलाके और जनता को सलाह
इस हादसे का सबसे बड़ा असर करोल बाग से लेकर सिविल लाइंस तक के इलाकों पर पड़ने वाला है। अगले चार दिनों तक इन इलाकों में हर बूंद पानी के लिए संघर्ष देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उपलब्ध पानी का संचय करें और उसका अत्यंत सावधानीपूर्वक और किफायती तरीके से उपयोग करें।






















