Maharashtra News: देश में इन दिनों राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक एक अनोखी जंग देखने को मिल रही है। एक ओर जहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं के बीच गजब का प्रभाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने अपनी एक नई पार्टी ‘इश्क करो पार्टी’ की नींव रखकर सबको हैरान कर दिया है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजित दिपके ने आज बुधवार को पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जज साहब की पार्टी पर अपनी प्रतिक्रिया दी और साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ बड़ा ऐलान भी किया।
जज साहब की पार्टी पर दिपके की प्रतिक्रिया
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से अपील की थी कि वे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ छोड़कर उनकी नई पार्टी ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल हो जाएं। जब अभिजित दिपके से इस मामले पर उनका पक्ष जानना चाहा गया, तो उन्होंने एक बार फिर अपने लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया।
दिपके ने कहा कि मुझे लगता है कि यह देश एक लोकतांत्रिक देश है। ऐसे में किसी को भी कोई भी पार्टी शुरू करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी को भी अपनी पार्टी शुरू करने का पूर्ण अधिकार है और हम इसे सम्मान देते हैं। दिपके के इस बयान से साफ जाहिर होता है कि वे किसी भी तरह का विवाद खड़ा करने के मूड में नहीं हैं और अपने मुद्दों पर ही केंद्रित हैं।
क्या है ‘इश्क करो पार्टी’ और इसका असली मतलब?
सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और कभी-कभी विवादित पोस्ट के लिए मशहूर जस्टिस काटजू ने अपनी इस पार्टी को व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश किया है। उन्होंने इस पार्टी के लिए एक वेबसाइट, इंस्टाग्राम पेज और फेसबुक पेज भी बनाया है। लेकिन इस पार्टी के नाम ‘इश्क करो’ को लेकर कई लोगों को गलतफहमी है। कई लोग सोच रहे थे कि यह लड़कों और लड़कियों के बीच प्रेम को बढ़ावा देने वाली कोई पार्टी है या वैलेंटाइन डे जैसा कोई अभियान है।
लेकिन जस्टिस काटजू ने स्पष्ट किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके अनुसार, ‘इश्क’ यहां प्रेमी-प्रेमिका के प्यार का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह ‘देश से प्यार’ है। यह पार्टी उन लोगों के लिए है जो भारत और यहां रहने वाले नागरिकों से प्यार करते हैं, चाहे उनका धर्म, जाति, भाषा या नस्ल कुछ भी हो। यह पार्टी सभी मतभेदों को भुलाकर एकता का संदेश देती है।
जस्टिस काटजू ने बताया कि यह विचार उन्हें अमेरिका में रहने वाले अपने मित्र इरफान अली के साथ बातचीत के दौरान आया। इरफां के समर्थन से उन्होंने इसे जल्द ही साकार कर दिया। हालांकि, शुरुआत में लोगों ने इसे मजाक समझा, लेकिन काटजू का कहना है कि यह भारत की बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए एक गंभीर कोशिश है, भले ही इसका नाम थोड़ा मजेदार हो।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे दिपके
जस्टिस काटजू की ‘इश्क करो पार्टी’ से इतर, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजित दिपके ने अपनी आगे की रणनीति पर से पर्दा उठाया है। उन्होंने साफ शब्दों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चेतावनी दी है। दिपके ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनकी पार्टी पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
दिपके ने बताया कि इस आंदोलन की शुरुआत गुरुवार को पुणे विश्वविद्यालय से होगी। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षामंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो हम देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे। कल सभी छात्र यहां आएंगे और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे।”

देशव्यापी आंदोलन का खाका
अभिजित दिपके ने अपने प्रदर्शन का खाका भी साझा किया है। पुणे के बाद वे खुद जयपुर, लखनऊ और बैंगलुरु जैसे बड़े शहरों में जाकर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा। हालांकि, अंतिम चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर 20 तारीख तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तो सभी युवा जंतर मंतर पर एकत्रित होंगे और बिना इस्तीफा मिले वहां से नहीं लौटेंगे।






















