Visit to the Delhi Legislative Assembly: दिल्ली विधानसभा में युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत एक अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक युवा नेताओं को संसदीय प्रक्रियाओं से परिचित कराना और लोकतंत्र की जटिलताओं को समझने का अवसर प्रदान करना था। इसमें ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ‘यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0’ के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और नागपुर के डीपीएस लावा की ‘छात्र संसद’ के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम ने न केवल युवाओं को संसदीय प्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव कराया, बल्कि उन्हें देश की लोकतांत्रिक विरासत से भी परिचित कराया। यह आयोजन देश के युवाओं में नागरिक चेतना और नेतृत्व क्षमता का विकास करने के साथ ही वैश्विक स्तर पर संवाद और सहयोग को प्रोत्साहित करने का एक प्रभावशाली माध्यम साबित हुआ।
ब्रिक्स यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0: एक अंतरराष्ट्रीय मंच
ब्रिक्स यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0 का आयोजन वैश्विक युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें भारत सहित ब्रिक्स देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका – के युवा पेशेवर, शोधकर्ता और उभरते नेता शामिल हुए। इन प्रतिनिधियों का उद्देश्य आपसी समझ बढ़ाना, वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास करना और लोकतांत्रिक प्रणालियों के महत्व को समझाना था। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण था दिल्ली विधानसभा का दौरा, जहां युवाओं ने विधायी कार्यप्रणाली और संसदीय प्रक्रियाओं को करीब से समझा।
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता का संवाद
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने युवाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने लोकतंत्र और सुशासन के मूल तत्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “युवा शक्ति ही लोकतंत्र की रीढ़ हैं। जब विभिन्न देशों के युवा सीमाओं को पार कर संवाद करते हैं, तो यह वैश्विक शांति और स्थिरता का संकेत है। हमें युवाओं को सार्वजनिक नीति, कूटनीति और नेतृत्व के क्षेत्र में सशक्त बनाना चाहिए, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें। लोकतंत्र में युवा सहभागिता का बढ़ना देश और दुनिया दोनों के विकास के लिए अनिवार्य है।”
Today, students from DPS Lava, Nagpur, visited the Delhi Legislative Assembly as part of a visit organized by Chhatra Sansad.
The students had the opportunity to explore the historic Assembly premises, learn about India’s democratic institutions, and gain a deeper understanding… pic.twitter.com/DOBkprpJam
— Delhi Assembly (@DelhiAssembly) August 8, 2026
युवाओं के साथ चर्चा का यह सत्र न केवल जानकारीपूर्ण था, बल्कि इसमें युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने का भी अवसर मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना आवश्यक है।
छात्र संसद की विधायी कार्यप्रणाली का अवलोकन
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में नागपुर के डीपीएस लावा की छात्र संसद के बच्चों ने भाग लिया। इन युवा सांसदों ने विधायी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि संसद और विधानसभाओं में विधेयकों पर चर्चा कैसे होती है, कानून निर्माण की प्रक्रिया क्या है और कार्यपालिका की जिम्मेदारी कैसे तय की जाती है। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य था बच्चों में नागरिक चेतना का जागरूकता और लोकतांत्रिक जागरूकता का विकास।
यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे उन्हें लोकतंत्र के महत्व का बोध हुआ और वे समझ सके कि संसद किस तरह से जनता की आवाज़ को कानून बनाकर अमल में लाती है। युवा सांसदों ने अपने प्रश्न पूछे, सुझाव दिए और विधायी प्रक्रिया में भागीदारी का अनुभव लिया। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ और वे समाज में जिम्मेदारी के प्रति जागरूक हुए।
ऐतिहासिक इमारत और विरासत का अवलोकन
युवा प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों को दिल्ली विधानसभा भवन की ऐतिहासिकता का भी अनुभव कराया गया। यह भवन वर्ष 1912 में निर्मित हुआ था और उस समय यह केंद्रीय विधान सभा का मुख्य केंद्र था। यह भवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम और विधायी इतिहास की अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इस ऐतिहासिक स्थल का दौरा युवा पीढ़ी के लिए अपने देश की विरासत से जुड़ने का अवसर था।
भवन के भ्रमण के दौरान, प्रतिभागियों को देश के प्रमुख सांसदों, विशेष रूप से विठ्ठलभाई पटेल की विरासत और उनके योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अलावा, वर्ष 1993 में दिल्ली विधानसभा के पुनर्गठन के बाद की यात्रा के बारे में बताया गया। इस ऐतिहासिक स्थल पर बैठकर विद्यार्थी भारत के लोकतंत्र के सुदृढ़ आधार को समझ सके, और उनके मन में देशभक्ति का भाव जागरूक हुआ।
डॉक्यूमेंट्री और विशेष सामग्री
इस कार्यक्रम का एक आकर्षक हिस्सा था, जिसमें छात्रों ने विधानसभा की परंपराओं और इतिहास पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री देखी। इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन प्रसिद्ध अभिनेता पद्म भूषण अनुपम खेर ने किया है, जिन्होंने अपनी आवाज़ से इसे जीवन्त बना दिया। यह डॉक्यूमेंट्री भारत के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान तक के विधायी इतिहास को दर्शाती है, जिससे युवाओं को देश की राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गहरा ज्ञान प्राप्त हुआ।
साथ ही, एक कॉफी-टेबल बुक ‘एक शताब्दी यात्रा’ भी प्रदर्शित की गई, जिसमें दिल्ली विधानसभा की स्थापना से लेकर अब तक के ऐतिहासिक क्षणों का संकलन है। इस पुस्तक में भवन की वास्तुकला, ऐतिहासिक घटनाएँ और प्रमुख नेताओं का जीवन परिचय शामिल है। यह संस्मरणात्मक पुस्तक युवाओं को प्रेरित करती है कि वे अपने देश की विरासत का सम्मान करें और उसमें भागीदारी बनें।
सामाजिक और शैक्षिक प्रभाव
यह आयोजन युवाओं में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने वाला था। युवाओं को विधायी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव देकर, उन्हें नागरिकता का महत्व समझाने का प्रयास किया गया। इस कार्यक्रम ने युवाओं में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के युवाओं से संवाद किया, अपने विचार साझा किए और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए समर्पित प्रयासों को समझा।
इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम ने देश-विदेश के युवाओं के बीच एक मजबूत नेटवर्क बनाने का अवसर प्रदान किया। यह अनुभव युवा पीढ़ी को देश के विकास में भागीदारी का माध्यम बना और उन्हें वैश्विक नागरिक बनाने में सहायता करता है।
समापन और भविष्य की दिशा
यह युवा संपर्क कार्यक्रम एक सफल आयोजन रहा, जिसने युवाओं के दिलों में लोकतंत्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का संचार किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा नेताओं का एक वैश्विक मंच तैयार हुआ, जो भविष्य में भी देश और विश्व की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
आगामी दिनों में, इस तरह के आयोजन युवाओं को न केवल भारत की लोकतांत्रिक विरासत से जोड़ेंगे, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर भी नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करेंगे। दिल्ली विधानसभा का यह दौरा यद्यपि एक छोटी सी यात्रा थी, लेकिन इसकी महत्ता और प्रभाव दीर्घकालिक होगा। यह आयोजन युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संकल्प दिलाने और उन्हें जागरूक नागरिक बनाने का एक सशक्त कदम है।

























