चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर INDIA गठबंधन के सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करना चाहते हैं। गठबंधन ने राष्ट्रपति भवन से मिलने का समय मांगा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के सामने रखे जा सकें। गुरुवार शाम तक विपक्षी नेताओं को मुलाकात के लिए समय मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, INDIA गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति से मिलने के लिए दो बार औपचारिक अनुरोध भेजा गया है। विपक्षी सांसदों ने 7, 8 या 9 अक्टूबर को मुलाकात का समय देने की मांग की थी। गठबंधन शुक्रवार तक राष्ट्रपति भवन के जवाब का इंतजार करेगा। इसके बाद यह तय किया जा सकता है कि आगे क्या कदम उठाया जाए।
राष्ट्रपति भवन को भेजे गए दो अनुरोध
वेणुगोपाल ने गुरुवार को बताया कि पहला पत्र 2 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। इसके जवाब में राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने मुलाकात में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे। इसके बाद गठबंधन ने 5 अक्टूबर को दूसरा पत्र भेजा और प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं की सूची भी उपलब्ध करा दी।
वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्ष ने 7, 8 या 9 अक्टूबर में से किसी दिन मिलने का समय मांगा था। हालांकि, गुरुवार तक राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई जवाब नहीं आया था। उन्होंने कहा कि गठबंधन शुक्रवार तक इंतजार करेगा।
SIR और चुनाव प्रक्रिया पर विपक्ष की चिंताएं
INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रपति के सामने उठाना चाहते हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इन विषयों पर उनकी चिंताओं और सवालों को सुना जाना चाहिए। गठबंधन के नेता हाल के दिनों में दिल्ली में इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। गठबंधन के नेताओं का उद्देश्य राष्ट्रपति को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने पक्ष और चिंताओं से अवगत कराना है। हालांकि, मुलाकात होने या न होने को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से औपचारिक जवाब का इंतजार है।
बैठक में पहले ही बनी थी राष्ट्रपति से मिलने की योजना
गठबंधन की बैठकों में पहले यह तय किया गया था कि विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलकर चुनाव प्रक्रिया और SIR के मुद्दे उठाएंगे। इसी फैसले के बाद राष्ट्रपति भवन से मुलाकात का समय लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब तक दो पत्र भेजे जा चुके हैं और दोनों में मुलाकात के लिए नेताओं के नाम दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन की बैठकों में कुछ नेताओं ने राष्ट्रपति भवन से समय मिलने के अपने पुराने अनुभव भी साझा किए। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कथित तौर पर बताया कि पहले भी कई बार मुलाकात के लिए अनुरोध किया गया था, लेकिन समय नहीं मिल पाया। तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी बैठक में इसी तरह का अनुभव साझा किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी।
शुक्रवार के जवाब पर टिकी आगे की रणनीति
फिलहाल INDIA गठबंधन शुक्रवार तक राष्ट्रपति भवन के जवाब की प्रतीक्षा करेगा। अगर मुलाकात का समय मिल जाता है, तो विपक्षी सांसद राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग, SIR और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे रख सकते हैं। वहीं, समय नहीं मिलने की स्थिति में गठबंधन आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसद राष्ट्रपति भवन जाने या कोई दूसरा कदम उठाने पर फैसला कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय राष्ट्रपति भवन के जवाब और गठबंधन की चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति से मुलाकात कब होगी या विपक्ष की अगली रणनीति क्या रहेगी।






















