चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आज गुरुवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। कनॉट प्लेस में दोपहर के भोज के बाद नेता तीन बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शन के कारण राजघाट और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
लंच के बाद तीन बसों में राजघाट पहुंचे विपक्षी नेता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से कनॉट प्लेस स्थित ‘मोएट्स’ रेस्तरां में विपक्षी नेताओं के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया था। लंच में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
भोजन के बाद नेता तीन बसों में राजघाट के लिए रवाना हुए। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते और ढोल बजाते हुए आगे बढ़े। रास्ते में कुछ जगहों पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी नारे लगाते और डफली बजाते दिखाई दिए। राजघाट पहुंचकर नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
विपक्षी दलों का कहना है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहते हैं। इन मांगों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार और आयोग पर सवाल उठा रहा है। हालांकि, नेताओं की ओर से उठाए गए आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
बुधवार को जंतर-मंतर जा रहे सांसदों को रास्ते में रोका गया
बता दें कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने इससे एक दिन पहले, बुधवार को भी इसी मुद्दे पर कार्यक्रम किया था। उस दिन सांसदों ने जनपथ स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्तरां में दोपहर का भोजन किया और फिर तीन बसों में जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था।
बुधवार की घटना के बाद गुरुवार को विपक्षी नेताओं का राजघाट जाना प्रदर्शन का अगला चरण रहा। इस दौरान नेताओं ने गांधी समाधि पर श्रद्धांजलि दी और अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शन के चलते राजधानी के मध्य क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
राजघाट के आसपास किन रास्तों पर रही पाबंदी?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन को देखते हुए राजघाट के आसपास यातायात पाबंदियां लागू की गईं। ये प्रतिबंध गुरुवार रात 10 बजे तक प्रभावी रहने थे। इस दौरान डीटीसी बसों सहित अन्य बसों और ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई।
पुलिस की सूचना के अनुसार, छत्ता रेल, एनएस मार्ग-सुभाष टी-पॉइंट और शांति वन चौक पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। इन मार्गों से गुजरने वाले यात्रियों को देरी और डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता था। पुलिस ने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति जांचने और संभव हो तो प्रभावित इलाके से बचकर निकलने की अपील की।
ट्रैफिक पुलिस की यात्रियों से अपील
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने और मौके पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। वाहन चालकों से चौराहों को खाली रखने और जाम न लगाने की अपील भी की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही बाधित न हो।
राजघाट और आसपास के मार्गों पर जाने वाले लोगों के लिए सलाह है कि वे अतिरिक्त समय लेकर निकलें और पुलिस द्वारा बताए गए डायवर्जन के अनुसार यात्रा करें। बसों और ट्रकों के चालकों को विशेष रूप से प्रतिबंधित सड़कों से बचने के निर्देश दिए गए थे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का रुख
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग विपक्षी गठबंधन के हालिया राजनीतिक विरोध का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं और सरकार तथा आयोग से जवाब मांग रहे हैं। गुरुवार को राजघाट पहुंचकर श्रद्धांजलि देने के साथ नेताओं ने इस विरोध को सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाया।
फिलहाल प्रदर्शन के साथ-साथ दिल्ली में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। ऐसे में राजघाट, छत्ता रेल, एनएस मार्ग और शांति वन के आसपास जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस की ताजा सूचना पर ध्यान देना जरूरी है। प्रतिबंधों की अवधि और मार्गों की स्थिति बदल सकती है, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट देखना बेहतर रहेगा।






















