Delhi News: भारतीय लोकतंत्र के मंदिर कहे जाने वाले संसद भवन में हाल ही में एक अनूठा और ऐतिहासिक आयोजन सम्पन्न हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और मार्गदर्शन में देशभर की प्रमुख रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल आमंत्रित किया गया। इस दौरान ‘श्री रामलीला महासंघ’ के नेतृत्व में पहुंचे इन प्रतिनिधियों ने संसदीय लोकतंत्र और भारतीय संस्कृति के बीच एक अदृश्य लेकिन गहरा सेतु बनाया।
यह मुलाकात किसी औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें रामलीला के भविष्य, इसके संरक्षण और आधुनिक युग में इसे नई ऊर्जा देने के व्यापक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल की विशेष उपस्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि दिल्ली की धरती, जहां लाल किले का ऐतिहासिक रामलीला मैदान स्थित है, से लेकर संसद तक, रामलीला की गरिमा अपरिमेय है।
संसद भवन का भ्रमण और प्रतीकात्मक सम्मान
महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महामंत्री सुभाष गोयल के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल को सबसे पहले लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को करीब से देखने का अवसर दिया गया। जिन हाथों ने सदियों से भगवान श्रीराम के चरित्र को मंच पर जीवंत किया है, उन्हें लोकतंत्र के मंच को देखना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर महासंघ की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विशेष सम्मान दिया गया। श्री अर्जुन कुमार और श्री सुभाष गोयल ने उन्हें पवित्र गदा (मुसल) और श्रीरामचरितमानस की एक यादगार प्रति भेंट की। गदा का उपहार धर्म, सत्य और अधर्म पर विजय के प्रतीक के रूप में देखा गया, जो लोकसभा अध्यक्ष के पद की गरिमा से पूरी तरह मेल खाता है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण से मांग
इस बैठक के दौरान श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने दिल्ली में रामलीला आयोजनों की व्यावहारिक चुनौतियों को रखा। उन्होंने याद दिलाया कि राजधानी दिल्ली में रामलीलाओं की परंपरा बहुत प्राचीन है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मांग रखी कि जिस तरह दिल्ली की अन्य सरकारी एजेंसियां रामलीला समितियों को मैदान निशुल्क उपलब्ध कराती हैं, उसी भावना से दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को भी अपने खाली मैदान रामलीला आयोजन के लिए बिना किसी शुल्क के देने चाहिए। साथ ही, इन गैर-लाभकारी और सांस्कृतिक आयोजनों में बिजली खपत को भी निशुल्क किया जाना चाहिए, ताकि समितियों पर आर्थिक बोझ न आए।
आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम
अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रामलीला की व्याख्या किसी धार्मिक अनुष्ठान से अधिक के रूप में की। उन्होंने कहा कि यह भारत की सनातन परंपराओं, उच्च नैतिक मूल्यों और सामूहिक सामाजिक चेतना का एक जीवंत प्रतीक है।
ओम बिरला ने बताया कि कैसे इस पवित्र परंपरा ने सदियों से भारतीय समाज को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों—जैसे कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, परोपकार और राष्ट्रभक्ति से जोड़े रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरासत को संजोए रखना किसी एक व्यक्ति या संगठन का काम नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात उन्होंने आधुनिक युग की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। श्री बिरला ने कहा कि आज के तेजी से बदलते और तकनीक-प्रधान दौर में हमारी पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए नवाचार (Innovation) और तकनीक का सहारा लेना होगा। रामलीला समितियों को आधुनिक लाइटिंग, साउंड सिस्टम और डिजिटल मीडिया का उपयोग करके इसे और अधिक आकर्षक बनाना चाहिए, ताकि आज का युवा इससे जुड़ सके।
सामाजिक समरसता का मंच
लोकसभा अध्यक्ष ने रामलीला को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि एक रामलीला मैदान में जाति, वर्ग या धर्म का भेदभाव नहीं होता। समाज के हर तबके के लोग—चाहे वह कलाकार हों, मंच सजाने वाले हों, या दर्शक—सभी एक सूत्र में बंधकर भगवान श्रीराम के चरित्र का अनुसरण करते हैं। यही भारतीय जीवन दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता और समावेशिता है।
सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने की सराहना
इस ऐतिहासिक अवसर पर चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है। यह सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि भारतीय सभ्यता, इसके संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का एक सजीव प्रतिबिंब है।
प्रवीन खंडेलवाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल की खूब प्रशंसा करते हुए कहा कि संसद भवन में रामलीला समितियों को बुलाकर संवाद स्थापित करना, भारत की मूल विरासत के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिरला के मार्गदर्शन में देशभर की रामलीला समितियों को एक नई दिशा मिलेगी और यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए और भी अधिक सशक्त और प्रेरणादायक बनकर उभरेगी।






















