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संविधान हत्या दिवस पर भाजपा ने कसा कांग्रेस पर तंज

Delhi News: स्मृति ईरानी ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस आज के दौर में युवाओं को लोकतंत्र और संविधान का एक ऐसा दूसरा स्वरूप दिखाने की कोशिश में लगी है, जो पूरी तरह से भ्रामक है। वे चाहती हैं कि युवाओं के हाथ में सिर्फ संविधान की एक किताब हो और वे सरकार के खिलाफ भ्रांतियां और झूठ फैलाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दें।

ईरानी ने कहा, युवा जानते हैं आपातकाल का काला सच

HIGHLIGHTS

  • भाजपा ने कांग्रेस को याद कराया आपातकाल
  • स्मृति ईरानी बोलीं, कांग्रेस का संविधान प्रेम सिर्फ दिखावा
  • राहुल का संविधान लेकर घूमना दिखावा: स्मृति ईरानी
  • दिल्ली भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस, कांग्रेस पर हमला
  • आपातकाल की यातनाएं भुली नहीं कांग्रेस: स्मृति ईरानी

Delhi News: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक, आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली भाजपा ने आज शुक्रवार को एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में किया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त की गई पूर्व मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र और संविधान को लेकर भ्रामक चलाने का आरोप लगाया और कहा कि 25 जून 1975 के दर्द को देश कभी नहीं भूल सकता। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

कांग्रेस का ‘नया लोकतंत्र’ क्या है? स्मृति ईरानी ने उगला जहर

स्मृति ईरानी ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस आज के दौर में युवाओं को लोकतंत्र और संविधान का एक ऐसा दूसरा स्वरूप दिखाने की कोशिश में लगी है, जो पूरी तरह से भ्रामक है। वे चाहती हैं कि युवाओं के हाथ में सिर्फ संविधान की एक किताब हो और वे सरकार के खिलाफ भ्रांतियां और झूठ फैलाने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दें। कांग्रेस यह दिखाने का भरसक प्रयास कर रही है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े संरक्षक वही हैं, जबकि इतिहास इसके बिल्कुल विपरीत गवाही देता है।

ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान की जो किताब लेकर घूमते हैं, वह सिर्फ एक दिखावा है। देश का हर नागरिक और खासकर युवा इस नाटक को अच्छी तरह समझता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भूलना नहीं चाहिए कि 25 जून, 1975 को देश में आपातकाल लगाकर जब लोकतंत्र का गला घोंटा गया था, तब यह संविधान की किताब कहां थी? आज देश की संसद में जिस तरह से कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देती है, उससे पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।

‘युवा पीढ़ी अनभिज्ञ नहीं है’

स्मृति ईरानी ने यह बात स्पष्ट की कि भारत की युवा पीढ़ी आपातकाल के काले अध्याय से बिल्कुल अनभिज्ञ नहीं है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान यातनाएं झेलने वाले हजारों लोग उन दिनों के मुंह तक आए डर और अत्याचार को कभी नहीं भूल सकते। जब अनगिनत लोकतंत्र सेनानी अपनी आपातकाल की यातनाओं के किस्से सुनाते हैं, तो सुनने वाले भी स्तब्ध रह जाते हैं। इसलिए कांग्रेस को लोकतंत्र को नया स्वरूप देने की बेजा कोशिश करने से बाज आना चाहिए।

केरल का हवाला देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी पर निशाना

लोकतंत्र की हत्या के उदाहरण देते हुए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की सहयोगी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर भी जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, “कम्युनिस्ट पार्टी के शासन वाले राज्यों, विशेषकर केरल में लोकतंत्र का क्या हाल है, यह सबको पता है। केरल में ऐसे अनगिनत परिवार हैं, जिनके बेटों, पतियों या पिताओं को सिर्फ इसलिए निर्ममता से मार दिया गया, क्योंकि वे किसी दूसरी विचारधारा की आवाज उठाते थे या सरकार के खिलाफ बोलते थे। यह हमारे लोकतंत्र की वह बदतर तस्वीर है, जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगी कभी देश के सामने नहीं लाना चाहते।”

सीएम रेखा गुप्ता ने दिया संबोधन

इस ऐतिहासिक संगोष्ठी में दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने भी शिरकत की और उन्होंने अपने संबोधन में आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं के बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जिस लोकतंत्र में हम आज स्वतंत्र रूप से सांस ले रहे हैं, उसके लिए इन लोकतंत्र सेनानियों ने अकूत कुर्बानियां दी हैं। कांग्रेस ने देश की आजादी के बाद जो आपातकाल लगाया, वह देश को कभी माफ नहीं होगा।

कार्यक्रम के शुभारंभ में दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आपातकाल के दौरान जेल गए और यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानियों का स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। इस दौरान मंच पर उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके सम्मान में तालियां बजाकर जोश भरा।

इन लोकतंत्र सेनानियों में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद लाल बिहारी तिवारी, भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक डॉ. वेद व्यास महाजन, अशोक आहूजा और सुरेश बिंदल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, विधायक, सांसद और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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