Delhi News: पोरवाल समाज सेवा समिति, दिल्ली का केंद्रीय कार्यालय विष्णु गार्डन में आयोजित हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के वरिष्ठ और युवा सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य संस्था को और अधिक प्रभावशाली बनाने, समाज की सेवा में और अधिक गतिशीलता लाने और समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने पर विचार-विमर्श करना था। अध्यक्षता सुधीर चंद्र पोरवाल के नेतृत्व में हुई इस बैठक में समाज के विकास और समृद्धि के लिए अनेक निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का स्वागत करते हुए मुख्य संरक्षक एवं चेयरमैन सुधीर चंद्र पोरवाल ने पदाधिकारियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इसके पश्चात, बैठक का उद्देश्य और आगामी योजनाओं पर चर्चा प्रारंभ हुई। सभी सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए और समाज को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए। इस चर्चा के आधार पर अध्यक्ष श्री श्रीकांत पोरवाल ने सर्वसम्मति से कुछ महत्वपूर्ण पदों में बदलाव किया और नए जिम्मेदारियों का भी आवंटन किया।
पदों में परिवर्तन और जिम्मेदारी का वितरण:
- सुधीर चंद्र पोरवाल को वर्तमान मुख्य संरक्षक के साथ-साथ संस्था का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उन्होंने संस्था की दिशा और योजनाओं को आगे ले जाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।
- ओम प्रकाश पोरवाल को वरिष्ठ महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो संस्था की कार्यवाही का संचालन करेंगे।
- मनोज गुप्ता को नोएडा के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई गति मिले।
- डॉक्टर शैलेंद्र पोरवाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया, जो समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- अंकित पोरवाल को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई, ताकि समाज को जुड़ी हर खबर और गतिविधियों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाई जा सके।
- नोएडा मंडल का विस्तार करते हुए सुभाष चंद्र पोरवाल को एक नए महासचिव पद पर नियुक्त किया गया, जिससे क्षेत्रीय कार्यकारिणी को मजबूत किया जा सके।
- नोएडा की युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए अमित पोरवाल को युवा अध्यक्ष मनोनीत किया गया। साथ ही, 19 जून 2026 को नोएडा में बैठक कर महिला मंडल की कार्यकारिणी बनाने का निर्णय भी लिया गया।
आगामी योजनाएँ और कार्यक्रम
इस विस्तार के बाद, 30 अगस्त 2026 को नोएडा में राष्ट्रीय और NCR मंडलों की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने, शिक्षा और संस्कार को बढ़ावा देने, सहयोग और एकता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह कदम समाज के हर वर्ग को एक साथ लाने और उन्हें सम्मानित महसूस कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सभी मंडलों के अध्यक्ष और महासचिव पहले की तरह ही रहेंगे। फिर भी, प्रत्येक मंडल में बैठक कर उनकी सहमति से नई कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। इस प्रकार, समाज के हर सदस्य को अधिक से अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे समाज की एकता और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।
संस्था का उद्देश्य और दिशा
पोरवाल समाज सेवा समिति का मुख्य उद्देश्य समाज के उन कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करना है, जो किन्हीं कारणों से अपनी स्थिति ठीक नहीं कर पा रहे हैं। संस्था का मानना है कि समाज में शिक्षा, संस्कार और सहयोग को मजबूत कर ही हम समाज को विकास की दिशा में ले जा सकते हैं। संस्था का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति अपने समाज का गर्व महसूस करे और समाज में एकता और सौहार्द्र का वातावरण बने।
अध्यक्ष श्री श्रीकांत पोरवाल ने अपने भाषण में कहा कि समाज की सेवा करना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उनका उद्देश्य समाज में शिक्षा, संस्कार, सहयोग और एकता को मजबूत करना है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे समाज के विकास और जरूरतमंदों की सहायता के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सहयोग और आशीर्वाद से ही हम पोरवाल समाज को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
बैठक का समापन और शुभकामनाएँ
बैठक में, सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को उनके नए दायित्वों की बधाई दी गई। इस अवसर पर, सभी को स्वल्पाहार ग्रहण करने का भी आग्रह किया गया। बैठक के दौरान सभी सदस्य अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हुए, समाज के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहे।
संबंधित पदाधिकारियों और सदस्यों का उत्साह और समर्पण देखकर यह स्पष्ट है कि पोरवाल समाज सेवा समिति अपने मिशन में पूरी तरह से समर्पित है। समाज के हर वर्ग के लिए हितकारी योजनाएं और कार्यक्रम बनाकर, यह संस्था समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। इस बैठक ने नई ऊर्जा और दिशा दी है, ताकि समाज के हर व्यक्ति का जीवन बेहतर हो सके।
संस्था के अध्यक्ष श्रीकांत पोरवाल ने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि हम सब मिलकर समाज के विकास और जरूरतमंदों की सहायता के लिए कार्य करेंगे। उनके नेतृत्व में, पोरवाल समाज नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। हम आशा करते हैं कि इस प्रकार की गतिविधियों से समाज में सामाजिक जागरूकता और सद्भावना बढ़ेगी, और समाज का प्रत्येक सदस्य अपने समाज का गर्व महसूस करेगा।






















