Delhi News: दिल्ली पुलिस का आज अपना ‘कमिश्नरेट डे’ मनाया जा रहा है, जो राजधानी की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में पुलिस के योगदान का प्रतीक है। इस खास अवसर पर किंग्सवे कैंप स्थित ‘न्यू पुलिस लाइंस ग्राउंड’ में एक भव्य और गौरवशाली परेड का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा सहित कई आला अधिकारी, पुलिसकर्मी और नागरिक मौजूद थे। यह दिन दिल्ली पुलिस की मेहनत, समर्पण और निरंतर सुधार के प्रयासों का सम्मान करने का अवसर है, जो नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली पुलिस का वर्तमान और भविष्य का दायित्व
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अपने भाषण में दिल्ली पुलिस के वर्तमान कार्यकाल की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी दिल्ली पुलिस का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी इतनी बड़ी और जटिल है कि इसके लिए निरंतर नवाचार और नई तकनीकों का सहारा लेना जरूरी हो गया है।
संधू ने जोर देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को अपनी कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक केंद्रितता को अनिवार्य बनाना चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों से कहा कि बदलते समय के अनुरूप अपनी रणनीतियों में बदलाव लाएं और आधुनिक तकनीकों का सदुपयोग करें ताकि अपराध नियंत्रण और जनता की सेवा दोनों में सुधार हो सके। उनका मानना है कि सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और मानवता का भी प्रदर्शन करना बेहद आवश्यक है।
पुलिसिंग के मूल सिद्धांतों को दोहराया
उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में पुलिसिंग के चार मूल सिद्धांतों—दृश्यमान, मानवीय, ईमानदार और तकनीक आधारित—पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों का पालन करने वाली पुलिस ही जनता का विश्वास जीत सकती है। जनता का भरोसा तभी मजबूत हो सकता है जब पुलिस का व्यवहार संवेदनशील, निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
Delhi Police held its Commissionerate Day Parade today.
Entrusted with the security of the National Capital, @DelhiPolice bears the immense responsibility of maintaining law and order while ensuring public safety under demanding and ever-evolving circumstances.
As policing… pic.twitter.com/hZDJfFnpoX
— LG Delhi (@LtGovDelhi) July 1, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का व्यवहार जितना अधिक मानवीय और संवेदनशील होगा, उतना ही जनता का समर्थन और भरोसा बढ़ेगा। साथ ही, तकनीक का सही इस्तेमाल पुलिसिंग के तरीके को आधुनिक बना सकता है, जो अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मददगार है।
नई तकनीकों और प्रशिक्षण का महत्व
संधू ने यह भी कहा कि पुलिस को अपने कार्य में निरंतर सुधार लाना चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि पुलिसकर्मी न केवल नवीनतम तकनीकों से परिचित हों, बल्कि उन्हें इनका सही तरीके से इस्तेमाल भी करना आए। आधुनिक तकनीक जैसे कि निगरानी कैमरे, बायोमेट्रिक सिस्टम, डाटा एनालिटिक्स, और साइबर सुरक्षा जैसी सुविधाओं का सदुपयोग अपराधियों को पकड़ने और अपराधों का पूर्वानुमान लगाने में सहायक हो सकता है।
अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिसकर्मियों का नियमित प्रशिक्षण और क्षमता विकास जरूरी है ताकि वे बदलते अपराध स्वरूप के साथ कदमताल कर सकें। इससे न सिर्फ अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
नागरिक सहभागिता और समर्पित पुलिसिंग
संधू ने यह भी कहा कि पुलिसिंग में नागरिक सहभागिता का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज के हर वर्ग को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे अपराध को रोकने में पुलिस का साथ दें। जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद और विश्वास ही अपराध नियंत्रण में सहायक हो सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सक्रिय, पेशेवर और नागरिक केंद्रित कार्यशैली अपनाकर दिल्ली पुलिस न केवल अपराध को कम कर सकती है, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं भी प्रदान कर सकती है। इसके लिए सार्वजनिक सहयोग और पुलिस का जवाबदेह रवैया आवश्यक है।
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को अधिक सुरक्षित, संरक्षित और भरोसेमंद राजधानी बनाने में दिल्ली पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बल न केवल अपराध नियंत्रण में सफल है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सेवा में भी अग्रणी है।






















