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दिल्ली-एनसीआर का नया मास्टरप्लान 2041: विकास की नई दिशा

Delhi-NCR News: दिल्ली-एनसीआर का यह नया मास्टरप्लान 2041, क्षेत्रीय विकास, स्मार्ट शहर निर्माण और रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ क्षेत्र को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से मजबूत बनाने का प्रयास है।

दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र बनेगा विश्वस्तर का सबसे बड़ा शहरी क्लस्टर (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • आठ नई स्मार्ट टाउनशिप से बढ़ेगा क्षेत्र का रहन-सहन और रोजगार
  • हरियाणा, यूपी और राजस्थान में नए ग्रीनफील्ड शहरों का प्रस्ताव
  • दिल्ली-एनसीआर का विस्तार नहीं, बल्कि मजबूती से विकसित होने का प्लान
  • दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत रैपिड रेल कॉरिडोर का तेजी से निर्माण
  • शहरी क्षेत्र में आवास और सुविधाओं का नया युग शुरू

Delhi-NCR News: दिल्ली-एनसीआर के विकास और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाने वाला है। नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की आगामी बैठक में दिल्ली-एनसीआर मास्टर प्लान 2041 को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यह मास्टरप्लान क्षेत्रीय योजना के नए मानकों और विकास की नई दिशा तय करेगा, जिसमें विशेष रूप से बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी और स्मार्ट टाउनशिप का व्यापक मॉडल शामिल है। इस योजना के तहत, दिल्ली से नोएडा, गुरुग्राम, मेरठ, हापुड़ जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय महज 30 मिनट कर दिया जाएगा, जिससे यात्रा की रफ्तार तेज होगी और क्षेत्रीय विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।

30 मिनट में दिल्ली-एनसीआर सुपरफास्ट कनेक्टिविटी का सपना

मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्रफल और आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2030 तक, यह क्षेत्र जापान के टोक्यो को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा शहरी क्लस्टर बनने की राह पर है। इस विशाल क्षेत्र में लगभग 3 करोड़ लोग रहते हैं और इसकी आबादी और भी बढ़ने का अनुमान है। इसलिए, इस मास्टरप्लान का मुख्य उद्देश्य है कि दिल्ली से मेरठ, पानीपत, अलवर, करनाल, गुरुग्राम, बुलंदशहर, हापुड़, खुर्जा जैसे शहरों के बीच यात्रा का समय घटाकर सिर्फ 30 मिनट कर दिया जाए।

इसके लिए नये कॉरिडोर, ऑर्बिटल रेल नेटवर्क, हाईस्पीड बुलेट ट्रेनें और हेलि-टैक्सी सेवाओं जैसी उन्नत परिवहन प्रणालियों का प्रस्ताव है। इन योजनाओं का उद्देश्य हैं कि प्रमुख शहरों के बीच दूरी को कम कर, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाना ताकि समय की बचत हो और कामकाजी जीवन और व्यापार को नई गति मिले।

ट्रांसपोर्ट प्लान और कनेक्टिविटी टियर सिस्टम

मास्टरप्लान में तीन स्तरों (टियर) में कनेक्टिविटी का खाका खींचा गया है:

  • टियर 1 (30 मिनट के भीतर): इसमें दिल्ली की सीमाओं से गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, सोनीपत जैसे शहरों तक महज आधे घंटे में पहुंचा जा सकता है। इसके लिए हाईस्पीड ट्रेनें, एक्सप्रेस ट्रेनों और सुपरफास्ट मेट्रो नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।
  • टियर 2 (60 मिनट): इसमें जिंद, करनाल, हापुड़, बुलंदशहर जैसे शहरों को पारंपरिक रेलवे और इंटरसिटी ट्रेनों के माध्यम से एक घंटे के भीतर लाने का लक्ष्य है।
  • टियर 3 (2-3 घंटे): इसमें मेरठ, अलवर और पानीपत जैसे दूरस्थ इलाकों को रैपिड रेल (नमो भारत ट्रेन) और एक्सप्रेसवे के माध्यम से 2 से 3 घंटे में जोड़ने की योजना है। यह दूरी सड़क मार्ग और चौड़ी सड़कों के नेटवर्क से पूरी की जाएगी।

परियोजनाएं और नए रेलवे कॉरिडोर

मास्टरप्लान के तहत, दिल्ली और एनसीआर के शहरों को जोड़ने के लिए अनेक नई रैपिड ट्रेल और कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इनमें दिल्ली-पानीपत-करनाल, दिल्ली-अलवर, दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद जैसे रैपिड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराणा-आलवर जैसे आठ प्रमुख नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर का निर्माण तेजी से किया जाएगा। इन कॉरिडोर के जरिये, बिना रुके सीधे शहरों को जोड़ने वाली ऑर्बिटल रेल नेटवर्क का विकास किया जाएगा, जिससे यात्रियों को समय की बचत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

स्मार्ट टाउनशिप की योजना

विस्तार के साथ-साथ, दिल्ली-एनसीआर में आवास और शहरीकरण का भी ध्यान रखा गया है। योजना के अनुसार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 5 से 8 नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप या स्मार्ट शहर बनाने का प्रस्ताव है। ये शहर पूरी तरह स्मार्ट और आत्मनिर्भर होंगे, जहां पानी, बिजली, कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं खुद ही सुनिश्चित की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया (YEIDA) को 20 लाख आबादी वाला नया शहर घोषित किया जा सकता है। हरियाणा के पंचग्राम प्रोजेक्ट और यूपी में न्यू नोएडा या यमुना सिटी जैसे शहर भी इस योजना का हिस्सा होंगे। ये शहर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के पास बसाए जाएंगे, जहां ऑफिस, बाजार और आवासीय क्षेत्र मिलकर जीवन को आसान बनाएंगे।

हरियाणा का रुख और एनसीआर का दायरा

हरियाणा ने अपने पांच जिलों—महेंद्रगढ़, जींद, भिवानी, चरखी दादरी और करनाल को एनसीआर के दायरे से बाहर करने की मांग की थी। लेकिन, इस मास्टरप्लान में, हरियाणा का क्षेत्रीय दायरा यथावत रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि कड़े नियम और नियोजन के कारण इन जिलों में विकास में कोई रुकावट नहीं आएगी।

दिल्ली-एनसीआर का यह नया मास्टरप्लान 2041, क्षेत्रीय विकास, स्मार्ट शहर निर्माण और रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ क्षेत्र को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से मजबूत बनाने का प्रयास है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि जीवन स्तर में सुधार, निवेश का बढ़ावा और शहरीकरण के नए अवसर भी सामने आएंगे। यह योजना, भारत के सबसे बड़े शहरी क्लस्टर के रूप में दिल्ली-एनसीआर को एक नए युग में ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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