दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में भारतीय फिजियोथेरेपिस्ट्स एसोसिएशन (IAP) के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) डॉ. जोजी जॉन के खिलाफ एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि डॉ. जॉन ने पेशेवर संबंधों का दुरुपयोग करते हुए महिला का यौन शोषण किया और धोखाधड़ी की।
यह मामला समाज में चर्चा का विषय बन चुका है, क्योंकि इस तरह के आरोप फिजियोथेरेपिस्ट्स और मेडिकल प्रफेशन में विश्वास को झकझोर कर रख देते हैं।
आरोपों का संक्षेप में विवरण
दिल्ली पुलिस ने 4 जून 2026 को FIR संख्या 0241 के तहत इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। शिकायतकर्ता महिला फिजियोथेरेपिस्ट ने आरोप लगाया है कि अगस्त 2025 में फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से डॉ. जॉन से उनकी पहली बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने को एक वरिष्ठ पेशेवर के रूप में प्रस्तुत किया।
डॉ. जॉन ने महिला को उनके करियर में मदद का आश्वासन दिया, जिसमें पेशेवर नेटवर्किंग, अवसर दिलाना और फिजियोथेरेपी क्षेत्र में उन्नति शामिल थी।
शिकायत में आरोप है कि धीरे-धीरे यह पेशेवर रिश्ता व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंधों में बदल गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि डॉ. जॉन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
इसके साथ ही, आरोप है कि डॉ. जॉन ने खुद को शादीशुदा होने के बावजूद, महिला के साथ भावनात्मक जुड़ाव का दावा किया और कहा कि वह अपनी पत्नी से अलग रह रहे हैं।
फरवरी 2026 में, दोनों ने अहमदाबाद से दिल्ली आने-जाने के लिए टिकट की व्यवस्था की। इसके बाद, दिल्ली में दोनों की मुलाकात हुई, जहां आरोप है कि डॉ. जॉन ने उनके साथ व्यक्तिगत और यौन संबंध बनाए।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं के दौरान, उन्हें बिना जानकारी के कुछ दवाइयां या पदार्थ भी दिए गए, जिसे पुलिस रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया है।
मामला पुलिस में दर्ज होने के बाद, शिकायतकर्ता ने मीडिया के सामने कहा कि FIR में उनकी महत्वपूर्ण बातें शामिल नहीं की गई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच के दौरान उन्हें धोखे से कुछ पिलाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई।
उनका मानना है कि इस घटना का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे उनके जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ा, लेकिन अब वे न्याय पाने के लिए मजबूत हैं और निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रही हैं।
मामले में कानूनी सहायता
शिकायतकर्ता की ओर से हितेन मेहता, जो कि एक अनुभवी वकील हैं, उनकी कानूनी सहायता कर रहे हैं। इसके अलावा, वकील कृति भावसर और एडवोकेट एशना कुमार भी इस मामले में उनके साथ हैं। उनका कहना है कि इस मामले में उचित जांच होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले की वर्तमान स्थिति
इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ने अभी तक किसी भी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया है।
FIR दर्ज होने के बाद, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। वहीं, महिला का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही हैं और वे इस मामले के सभी तथ्यों को उजागर करना चाहती हैं।
सामाजिक और पेशेवर प्रतिक्रिया
यह मामला सोशल मीडिया और फिजियोथेरेपी समुदाय में चर्चा का विषय बन चुका है। बहुत से लोग इस तरह की घटनाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं और विश्वास जताते हैं कि न्याय जरूर होगा।
साथ ही, इस तरह के मामलों को लेकर मेडिकल और फिजियोथेरेपी क्षेत्र में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
समाज में संदेश
यह घटना समाज को यह समझाने का अवसर भी है कि किसी भी पेशेवर के साथ भरोसेमंद संबंध बनाना जरूरी है। अपने अधिकारों और सीमा को समझना और किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना आवश्यक है।
न्याय प्रक्रिया पूरी होने तक, सभी पक्षों को निष्पक्षता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत न्याय का सवाल है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मामला भी है। हम आशा करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
























