दिल्ली में बारिश बनी आफत, मंत्री का सीधा ऑर्डर-दोबारा घटी तो कार्रवाई

एनडीएमसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में परिषद के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों में बारिश के बाद दिखी जलभराव की स्थिति की विस्तृत छानबीन की गई। बैठक में सभी संबंधित चीफ इंजीनियर्स, डिप्टी इंजीनियर्स और विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।

दिल्ली जलभराव पर मंत्री भड़के, अधिकारियों को मिली खुली फटकार

HIGHLIGHTS

  • एक और बारिश तो बर्खास्तगी!
  • अधिकारियों को मंत्री की चेतावनी
  • 15 मिनट में हटना था पानी
  • घंटा लगा— जानें पूरा मामला

दिल्ली में  भारी वर्षा से उत्पन्न जलभराव की समस्या को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता देखी जा रही है। दिल्ली जल एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आज गुरुवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के संबंध में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मंत्री ने जलभराव की समस्या पर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में आम नागरिकों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।

बैठक में क्या चर्चा हुई?

एनडीएमसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में परिषद के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों में बारिश के बाद दिखी जलभराव की स्थिति की विस्तृत छानबीन की गई। बैठक में सभी संबंधित चीफ इंजीनियर्स, डिप्टी इंजीनियर्स और विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। जिन जगहों पर सबसे अधिक जलजमाव हुआ, उनकी जगह-जगह समीक्षा करते हुए यह जानने की कोशिश की गई कि अंततः ड्रेनेज सिस्टम में कौन सी कमी रही गई।

बैठक के दौरान मंत्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बारिश की स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और सुदृढ़ करें। ड्रेनेज लाइनों की सफाई, पंपों की कार्यक्षमता जांचना और कमजोर कड़ियों की पहचान कर त्वरित समाधान निकालना — इन तमाम पहलुओं पर बैठक में खूब चर्चा हुई।

मंत्री ने X पर लिखा लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

बता दें कि बैठक की समाप्ति के बाद मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्रों में लापरवाही की वजह से जलभराव बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनडीएमसी बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि दोबारा ऐसा जलभराव देखा जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।”

इस पोस्ट के जरिए मंत्री ने साफ संदेश दिया है कि सरकार जलभराव जैसी समस्याओं पर किसी भी तरह की कोई ढिलाई नहीं बरतेगी और जिम्मेदारी तय करने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी।

बारिश ने ली परीक्षा, वाहनों की चली सांसें

गौर करने वाली बात यह है कि राजधानी में मंगलवार को गिरी भारी बारिश के बाद एनडीएमसी समेत कई इलाकों में ऐसा जलभराव देखा गया जो इस एरिया के लिए व्यवहार में अपेक्षाकृत नया माना जा सकता है। बारिश के दौरान सड़कों की कई जगहों पर पानी भर गया, जिसकी वजह से वाहनों की स्पीड धीमी पड़ गई और सुबह-शाम के आवागमन के समय व्यापक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई लोगों का अपने ऑफिस और घर तक पहुंचने में घंटों लगे और उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ा।

एनडीएमसी चेयरमैन ने मांगी माफी

इससे पहले बुधवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने अपने अधिकार क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की स्थिति को लेकर एक असाधारण पहल करते हुए स्थानीय नागरिकों से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। एक सरकारी एजेंसी द्वारा इस प्रकार खुलकर सॉरी कहना स्वयं में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में नगर निकाय 15 से 20 मिनट के भीतर जलजमाव की समस्या का निपटारा कर देता है, लेकिन इस बार मंगलवार को कम से कम तीन-चार ऐसे स्थान रहे जहां सड़कों पर भरे पानी को निकालने में एक घंटे से ज्यादा लंबा समय खर्च हो गया। द्विवेदी ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी चुनौती दोबारा सामने न आए, इस हेतु व्यवस्था को और अधिक बेहतर व मजबूत करने का प्रयास जारी रहेगा।

भविष्य के लिए तैयारियां होंगी पुख्ता

समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, अब सभी इंजीनियरिंग विभागों व प्रशासनिक शाखाओं को बारिश के मौसम में राहत और मॉनिटरिंग के विभिन्न कार्यों को व्यवस्थित करना है। इसके तहत जिन जगहों पर अतिरिक्त निगरानी की जरूरत है, वहां पर्याप्त पंप, मैनपावर और अभियांत्रिकी सामग्री की पूर्ण तैयारी तत्पर रखी जाएगी। इसके साथ ही एक निगरानी ढांचा भी सक्रिय किया जाएगा, जिसके जरिए बारिश के समय सीधे तौर पर अंतर्निर्देशन और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

लोगों को राहत? अब आने वाला वक्त बताएगा

गुरुवार की इस बैठक को दिल्ली सरकार व एनडीएमसी की ओर से उठाया गया एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन यह भी सच है कि मानसून के दौरान राजधानी में बारिश के बाद जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हर साल की तरह इस बार भी यही तस्वीर देखने को मिली। अब यह देखा जाना बाकी है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितनी कार्यान्वयन हो पाएगा और अगली भारी बारिश में दिल्ली के नागरिकों को इस बार कितनी सुविधा देखने को मिलती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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