Delhi News: दिल्ली की नगरीय राजनीति में 25 जून 2026 को एक बार फिर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन की बैठक के दौरान राम मंदिर दान गबन मामले ने तूल पकड़ लिया। इस मुद्दे पर आप पार्टी (AAP) के पार्षदों ने भाजपा (BJP) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सदन के बीचों-बीच विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों के शोर-शराबे और ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारों के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए पूरी तरह से बाधित रही। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
सदन में हंगामे के बीच मेयर ने रखा विकास का एजेंडा
बता दें कि हंगामे के बावजूद एमसीडी के मेयर प्रवेश वाही ने शांति बनाए रखने की कोशिश की और स्पष्ट किया कि सदन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान निकालना है। मेयर ने कहा कि पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन का उद्देश्य सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके और उनके लिए प्रभावी समाधान निकाले जा सकें, लेकिन विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा।
मानसून से पहले जलभराव पर एमसीडी का ‘युद्धस्तरीय’ प्लान
बैठक के दौरान सबसे महत्वपूर्ण विषय जलभराव और स्वच्छता रहा है और मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि इस पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न दलों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को सदन के सामने रखा। मेयर ने आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और एमसीडी मिलकर मानसून से पहले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए युद्धस्तरीय काम कर रहे हैं। इसके तहत राजधानी में तेजी से निम्नलिखित कार्य किए जा रहे हैं:
- डी-सिल्टिंग अभियान: नालों और नालियों की सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
- जल निकासी व्यवस्था: पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को बदलकर जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
- आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: संवेदनशील और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए आधुनिक मशीनरी और उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
मेयर प्रवेश वाही ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस बार यदि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम का लक्ष्य इस वर्ष दिल्लीवासियों को जलभराव से अधिकतम राहत दिलाना है। इसके अलावा बैठक में नागरिक हितों से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
नेता प्रतिपक्ष का हमला- ‘आस्था भी अब सुरक्षित नहीं’
वहीं, विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि राम मंदिर दान गबन विवाद ने करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। आरोप लगाया कि जो लोग भगवान राम के नाम पर सत्ता हासिल करने की राजनीति करते हैं, वे अब जब जवाबदेही की बारी आती है, तो बातों से बच रहे हैं।
चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़‼️
भाजपा की चार इंजन सरकार में अब आस्था भी सुरक्षित नहीं है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदे में हुई चोरी के मामले ने करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। इसी मुद्दे को लेकर आज एमसीडी सदन बैठक में आम आदमी पार्टी के सभी निगम पार्षदों ने विरोध… pic.twitter.com/vBDTYkqWOn
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 25, 2026
सदन में एक स्वर होकर आप पार्टी पार्षदों ने ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए और चंदे के हिसाब-किताब को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग उठाई। अंकुश नारंग ने तंज कसते हुए कहा कि चार इंजन वाली सरकार में अब आम आदमी की आस्था भी सुरक्षित नहीं रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी।
कांग्रेस ने की दोनों पार्टियों की खिंचाई
इस पूरे घमासान के बीच कांग्रेस पार्षद दल के नेता मुकेश गोयल ने एक अलग ही नजरिया पेश किया। उन्होंने भाजपा और आप पार्टी दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही दल जनता के मुद्दों से भटककर सिर्फ राजनीतिक मारपीट में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति का सीधा असर दिल्ली नगर निगम के कामकाज पर पड़ रहा है और विकास कार्य ठंडे बस्ते में चले जा रहे हैं।






















