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दिल्ली: अस्पताल परिसर में खड़ी डॉक्टर की कार में भीषण आग

Delhi News: अस्पताल एक ऐसी जगह है जहां मरीज़, उनके परिजन और डॉक्टर-स्टाफ हमेशा मौजूद रहते हैं। खासकर जिस जगह कार खड़ी थी, वह लेबर रूम के पास था, जहां गर्भवती महिलाएं और नवजात शिशु मौजूद थे। कार से निकलने वाली भयावह लपटों और घने काले धुएं को देखते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा अस्पताल हादसा

HIGHLIGHTS

  • पांडव नगर थाना क्षेत्र के अस्पताल में कार धधकने लगी
  • चेस्ट हॉस्पिटल के अंदर खड़ी कार में लगी अचानक आग
  • कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिरी कार
  • मरीजों और डॉक्टरों के बीच आग लगने से मचा हड़कंप
  • दमकल टीम ने बुझाई अस्पताल में लगी हुई विकराल आग

Delhi News:पूर्वी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक बड़े अस्पताल के परिसर में खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही सेकंडों में पूरी कार आग की लपटों में घिरकर राख हो गई। हालांकि, समय पर दमकल विभाग की टीम पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस आग का कहर भयावह हो सकता था। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

घटना का सिलसिला, लेबर रूम के पास पार्क की थी कार

यह पूरा मामला आज सोमवार दोपहर करीब 12 बजे का है। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर थाना क्षेत्र में स्थित दिल्ली नगर निगम के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चेस्ट हॉस्पिटल में एक डॉक्टर अपनी ड्यूटी निभाने आए हुए थे। उन्होंने अपनी कार को अस्पताल परिसर के अंदर, लेबर रूम वार्ड के बिल्कुल करीब पार्क किया था।

जैसे ही डॉक्टर अंदर चले गए, कुछ ही देर बाद कार के इंजन कैंप से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य धुआं है, लेकिन तभी अचानक एक छोटा सा धमाका हुआ और कार में आग लग गई। पेट्रोल या इंजन ऑयल की वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया।

अस्पताल में मचा भयावह हड़कंप

अस्पताल एक ऐसी जगह है जहां मरीज़, उनके परिजन और डॉक्टर-स्टाफ हमेशा मौजूद रहते हैं। खासकर जिस जगह कार खड़ी थी, वह लेबर रूम के पास था, जहां गर्भवती महिलाएं और नवजात शिशु मौजूद थे। कार से निकलने वाली भयावह लपटों और घने काले धुएं को देखते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। भय के माहौल में कई मरीजों के परिजन वार्ड से बाहर भागने लगे। सबसे बड़ी चिंता यह थी कि अगर आग नियंत्रण से बाहर हुई और उसने अस्पताल की बिल्डिंग या ऑक्सीजन सिलेंडरों को छुआ, तो यह जानलेवा साबित हो सकता था।

दमकल विभाग और पुलिस पर पड़ा दबाव

आग लगने की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग हाई-अलर्ट पर आ गया और कई फायर टेंडर (दमकल गाड़ियां) तेजी से मौके के लिए रवाना हुईं। साथ ही, पांडव नगर थाना पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई।

पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल परिसर में इकट्ठा भीड़ को खदेड़कर एक सुरक्षित दूरी बनाई, ताकि अगर कार में कोई विस्फोट होता है, तो किसी को चोट न लगे। साथ ही, लेबर रूम और आसपास के वार्डों में मौजूद मरीजों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई।

कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाई आग

दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही तुरंत अपना अभियान शुरू किया। उन्होंने देखा कि आग काफी तेज है और कार पूरी तरह से लपटों से घिर चुकी है। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत की और कई तरफ से पानी की बौछार करके आग पर काबू पाने की कोशिश की। उनकी त्वरित कार्रवाई के चलते आग बढ़कर अस्पताल बिल्डिंग तक नहीं पहुंच पाई।

हालांकि, जब तक आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टर की यह आधुनिक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। कार का पूरा इंटीरियर, सीटें, इंजन और टायर सिर्फ एक लोहे का ढांचा बचकर रह गया था।

राहत की बात कोई जनहानि नहीं

इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि चंद सेकंड में राख होने वाली इस आग में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। न तो कोई मरीज़ प्रभावित हुआ और न ही अस्पताल की संपत्ति को कोई नुकसान हुआ। यदि थोड़ी भी देर होती, तो नतीजा कुछ और भी भयावह हो सकता था। कार का मालिक (डॉक्टर) जब बाहर आए तो उनके हाथ-पैर फूल गए। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि कुछ ही मिनटों में उनकी गाड़ी ऐसी हालत में पहुंच गई।

जांच में जुटी पुलिस और दमकल विभाग

फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की सबसे बड़ी संभावना जताई जा रही है। गर्मियों के मौसम में कार में खड़े रहने से इंजन कैंप या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होने के मामले काफी बढ़ गए हैं।

पांडव नगर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मिलकर मामले की गहनात्मक जांच कर रही है। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई संदिग्ध व्यक्ति कार के पास आया था या आग लगने से पहले कोई असामान्य गतिविधि देखी गई थी।

डीसीपी (DCP) राजीव कुमार ने मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि हमें सूचना मिली थी कि अस्पताल परिसर में एक कार में आग लगी है। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। बड़ी राहत की बात है कि इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। फिलहाल, आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह का पता चल पाएगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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