Delhi News: विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर दिल्ली सरकार एक बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने जा रही है। राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में 10 और 16 वर्ष के बच्चों के लिए टिटनेस और वयस्क डिप्थीरिया (टीडी) के विशेष टीकाकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के परिवार कल्याण निदेशालय के तत्वावधान में चलाए जाने वाला यह अभियान यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) के तहत राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (एनआईएस) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकारी स्कूलों में टीकाकरण अनिवार्य, लेकिन सहमति जरूरी
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. पुनीत जेटली की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पात्र बच्चों का टीडी टीकाकरण कराना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए अभिभावकों की पूर्व सहमति अनिवार्य है। यह टीका केवल उन्हीं बच्चों को दिया जाएगा जो अभी तक इससे टीकाकृत नहीं हुए हैं।
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डॉ. जेटली ने बताया कि स्कूल प्रणाली के माध्यम से किशोरों तक पहुंचना एक रणनीतिक लाभ है। टीकाकरण को नियमित स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम का हिस्सा बनाने से टीकाकरण कवरेज दर में भारी सुधार आएगा और इन जानलेवा बीमारियों के खिलाफ बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा, “प्रभावी टीकों की उपलब्धता के बावजूद टिटनेस और डिप्थीरिया अभी भी जन स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इनकी रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस को एक अवसर के रूप में उपयोग करते हुए हम सभी जिलों के स्कूलों में ये शिविर लगा रहे हैं।”
जागरूकता और समन्वय पर विशेष ध्यान
इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग पूरी तरह से सक्रिय हैं। संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों के बीच तालमेल स्थापित कर इन शिविरों को संचालित किया जाएगा। ये शिविर केवल टीके लगवाने के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि टीडी टीकाकरण के महत्व को लेकर छात्रों, अभिभावकों और समुदाय में व्यापक जागरूकता फैलाने का माध्यम भी बनेंगे।
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अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी
शिविरों में अधिकतम बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभाओं, पेरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) और अभिभावकों के वॉट्सएप समूहों के जरिए इस टीकाकरण अभियान के महत्व और लाभों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि कोई भी लाभार्थी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।






















