Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों में मौजूद QR कोड्स को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही भ्रामक अफवाहों पर स्पष्टीकरण दिया है। बोर्ड ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही यकीन करें।
परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा था। कुछ छात्रों और यूजर्स ने दावा किया कि प्रश्नपत्र पर दिए गए QR कोड को स्कैन करने या उससे जुड़े टेक्स्ट को गूगल पर सर्च करने पर कुछ अलग नाम, प्रोफाइल और असंबंधित कंटेंट सामने आ रहा है। इसके बाद से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे थे और यह भ्रम फैल गया कि सीबीएसई के पेपर कहीं किसी बाहरी व्यक्ति या संस्था से तो जुड़े नहीं हैं।
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CBSE ने दी ये सफाई
अपनी एडवाइजरी में CBSE ने इन सभी दावों को पूरी तरह से तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्रों पर मौजूद QR कोड किसी वेबसाइट, बाहरी लिंक या किसी व्यक्ति तक पहुंचने के लिए नहीं बनाए गए हैं। ये कोड परीक्षा प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा हैं, जिनका इस्तेमाल सिर्फ परीक्षा की सुरक्षा (Security), ऑथेंटिकेशन (Authentication) और ट्रैकिंग के लिए किया जाता है। स्कैन करने पर इनमें सिर्फ एक निर्धारित टेक्स्ट ही दिखता है।
𝗔𝗱𝘃𝗶𝘀𝗼𝗿𝘆 𝗼𝗻 𝗤𝗥 𝗖𝗼𝗱𝗲𝘀 𝗶𝗻 𝗖𝗕𝗦𝗘 𝗤𝘂𝗲𝘀𝘁𝗶𝗼𝗻 𝗣𝗮𝗽𝗲𝗿𝘀
Please find attached an advisory regarding the misinterpretation of QR codes printed on CBSE question papers.
Stakeholders are requested to note that these QR codes are meant for internal…
— CBSE HQ (@cbseindia29) April 2, 2026
जानबूझकर फैलाई जा रही गलत जानकारी
CBSE ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर इन असंबंधित सर्च रिजल्ट्स को जोड़कर गलत जानकारी फैला रहे हैं। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की अफवाहें फैलाकर सीबीएसई की छवि और विश्वसनीयता को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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छात्रों और अभिभावकों के लिए CBSE की खास अपील
- बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
- केवल CBSE के आधिकारिक स्रोतों और वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
- ऐसी किसी भी सामग्री को फॉरवर्ड या प्रमोट करने से बचें, जो शैक्षणिक संस्थानों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है।
बोर्ड ने सभी हितधारकों से जिम्मेदारी के साथ सूचना साझा करने की अपील की है। साथ ही छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित करें और इस तरह की बेबुनियाद अफवाहों से खुद को दूर रखें।






















