Delhi News : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऐतिहासिक बजट पेश किया। 1,03,700 करोड़ रुपये का यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने का दावा करता है। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता ‘मुफ्त संस्कृति’ के बजाय बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और पर्यावरण पर दिया गया जोर है। मुख्यमंत्री ने इसे दिल्ली का पहला ‘ग्रीन बजट’ बताया है।
पर्यावरण को बड़ा आवंटन
बजट पेश करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने हर योजना को ‘ग्रीन लेंस’ से देखा है। उन्होंने कहा कि इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर फैसले में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता है। हमने पूरे बजट का 21% हिस्सा सीधे पर्यावरण संरक्षण के लिए रखा है। यह विकास और धरती की सुरक्षा के बीच बैलेंस बनाने का प्रयास है।”
बढ़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर, सरकार का दावा
इस बार के बजट में सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाकर 29.7% कर दिया है, जबकि राजस्व व्यय 70.3% रखा गया है। इस पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में इजाफा दिल्ली के विकास को गति देगा। उन्होंने कहा, “जब नए निर्माण होंगे तो जनता को सीधा लाभ मिलेगा और नए रोजगार उत्पन्न होंगे। यह दिल्ली को विकास के पथ पर डालने वाला बजट है।”
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आर्थिक स्वस्थता का संकेत
सीएम ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स और GSDP अनुपात 5.09% रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल (4.95%) से बेहतर है। साथ ही, इस साल दिल्ली का राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) 9,092 करोड़ रुपये होने जा रहा है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।
बजट की प्रमुख विशेषताएं (Top Highlights):
- बजट का आकार: 1,03,700 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट।
- ग्रीन बजट: कुल आवंटन का 21% हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए अलग।
- खर्च का स्वरूप: राजस्व खर्च 70.3% और पूंजीगत खर्च 29.7%।
- अर्थव्यवस्था: दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का 86% से अधिक योगदान।
- परिवहन क्षेत्र: बजट में परिवहन को सबसे बड़ा हिस्सा मिला।
- मेट्रो विस्तार: मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर विशेष फोकस।
- इलेक्ट्रिक बसें: इलेक्ट्रिक बस बेड़े में वृद्धि की योजना।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को जारी रखा जाएगा।
- बिजली: बिजली कवरेज को 100% करने का लक्ष्य।
- पानी: 93.5% घरों तक पाइप्ड पानी पहुंचाने का लक्ष्य।
- शिक्षा: शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन और बजटीय प्रावधान।
- स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर।
- DITI आयोग: केंद्र की नीति आयोग की तर्ज पर ‘DITI’ आयोग का गठन, जो जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
- रोजगार: बुनियादी ढांचागत विकास से नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- हरित क्षेत्र: दिल्ली में हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) बढ़ाने पर फोकस।
- रेवेन्यू सरप्लस: 9,092 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व अधिशेष।
- GSDP विकास: पिछले साल की तुलना में बेहतर GSDP विकास दर का अनुमान।
- टैक्स रेश्यो: टैक्स-जीएसडीपी रेश्यो 5.09% होने की संभावना।
- विकास का मॉडल: ‘मुफ्त संस्कृति’ से हटकर बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित।
- विकसित भारत: पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प से जुड़ा बजट।
सरकार का कहना है कि यह बजट दिल्ली की जरूरतों को समझते हुए तैयार किया गया है और इससे राजधानी को नए विकास की राह पर अग्रसर किया जा सकेगा।





















