Noida News: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), गौतम बुद्ध नगर कमेटी ने 22 जून 2026 को सूरजपुर में डीएम कार्यालय पर एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन देश में बढ़ती महँगाई, बेरोजगारी और जनविरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस आन्दोलन का उद्देश्य सरकार की नीतियों को लेकर आम जनता में जागरूकता फैलाना और उनके हक़ में आवाज़ उठाना है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
22 जून 2026 को प्रदर्शन की तैयारी
बता दें कि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की योजना को लेकर पार्टी की दो प्रमुख बैठकें आयोजित हुईं। पहली बैठक सीपीआई(एम) के बरौला सेक्टर-49 ब्रांच की, जो बरौला शिव मंदिर पर आयोजित हुई। इस बैठक का नेतृत्व कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने किया। इसमें ब्रांच सचिव कामरेड धर्मपाल चौहान, जयानंद, राकेश चौधरी, प्रदीप कुमार, राजकरण सिंह, रेखा चौहान, गुड़िया देवी, सरोज देवी, कल्पना जैसे कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
दूसरी बैठक पार्टी की महिला शाखा की, जिसमें कामरेड आशा यादव और चंदा बेगम ने नेतृत्व किया। यह बैठक पार्टी के जिला कार्यालय, सेक्टर-8 नोएडा में हुई। इसमें महिला कार्यकर्ताओं जैसे बेबी, गीता देवी, सलमा, कुसुम, पूनम देवी, मेहंदी और तलक आदि ने भाग लिया। इन बैठकों में पार्टी के जिला कमेटी सदस्य कामरेड भरत डेंजर, भीखू प्रसाद, रामसागर व गंगेश्वर दत्त शर्मा भी मौजूद रहे। इन बैठकों में प्रदर्शन की रणनीति, मुद्दों और प्रचार प्रसार पर चर्चा की गई।
जाने प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे
इस आंदोलन के माध्यम से पार्टी ने कई अहम मुद्दों को उजागर किया है। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
-
- महँगाई पर रोक: पिछले 15 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 10 रुपये तक बढ़ीं हैं, वहीं सीएनजी की कीमत में 6 रुपये का इजाफा हुआ है। 2014 से 2026 के बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 156%, सरसों तेल में 144% और बस किराए में 120% तक की बढ़ोतरी हुई है। ये बढ़ोतरी आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही है, जिससे रसोई से सड़क तक हर वस्तु महंगी हो गई है। जनता का जीवन आवश्यक वस्तुओं के लिए संघर्ष कर रहा है।
- महिलाओं पर अत्याचार: महँगाई का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है। जब आमदनी कम होती है, तो रसोई का बजट कट जाता है। गृहणियां अपने बच्चों के दूध और आवश्यक वस्तुओं को कम कर देती हैं। महँगाई ने लाखों गृहणियों को तनाव, चिंता और असुरक्षा की स्थिति में डाल दिया है। महिलाओं की आर्थिक असमानता और सामाजिक सुरक्षा की कमी उजागर हुई है।
- मजदूरों की आय में गिरावट: नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे उद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर अपनी घटती वास्तविक आय को लेकर चिंतित हैं। वे पूछ रहे हैं कि जब रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो रही हैं, तो मजदूरी क्यों नहीं बढ़ रही? पहले जो वेतन महीने भर चलता था, अब 15 दिनों में ही खत्म हो जाता है। मजदूर वर्ग की जीवनशैली में गिरावट और आर्थिक तनाव स्पष्ट झलक रहा है।
- कॉर्पोरेट और साम्प्रदायिक गठजोड़ का विरोध: देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों, जैसे बंदरगाह, हवाई अड्डे, बिजलीघर, आदि को बड़े घरानों को सौंपा जा रहा है। जनता का ध्यान महँगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता से भटकाने के लिए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का माहौल बनाया जा रहा है। इन नीतियों का उद्देश्य जनता की आवाज़ को दबाना और आर्थिक लाभ का केंद्रीकरण करना है।
- समाधान की माँग: पार्टी ने इन गंभीर मुद्दों का समाधान खोजने के लिए स्पष्ट माँगें की हैं। इनमें शामिल हैं
- पेट्रोल, डीजल और गैस पर करों में कमी।
- आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाना।
- रोजगार सृजन और न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि।
- कृषि-उद्योग क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि।
आह्वान और अपील
पार्टी की महिला नेता कामरेड आशा यादव ने सभी कार्यकर्ताओं, मजदूरों, महिलाओं, किसानों और नौजवानों से अपील की है कि वे 22 जून 2026 को सुबह 11 बजे सूरजपुर के डीएम कार्यालय पर पहुंचें और महँगाई के खिलाफ आवाज़ उठाएं। उनका कहना है कि जनता को मिलकर इस लड़ाई में भाग लेना चाहिए ताकि सरकार को उसकी जिम्मेदारी का एहसास हो सके।
नारा: “महँगाई रोको, रोजगार बढ़ाओ! जनता की जेब बचाओ, देश की अर्थव्यवस्था बचाओ!”
बता दें कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना है कि जनता महँगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से त्रस्त चल रही है। जनता अपने हक़ के लिए आवाज़ बुलंद कर रही है और इस आंदोलन का लक्ष्य है समाज में बदलाव लाना, सरकारी नीतियों में सुधार करना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना।
आइए, हम सब मिलकर इस महाक्रांति का हिस्सा बनें और अपने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष करें। 22 जून को सूरजपुर में भारी संख्या में जुटकर महँगाई के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें और एक नए समाज की दिशा में कदम बढ़ाएं।






















