Noida News: यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार की जनविरोधी और निजीकरण परक नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद होती दिख रही है। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर-33 स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय का है, जहां लंबे समय से वकीलों का धरना प्रदर्शन जारी है। आज दिनांक 22 जून 2026 को नोएडा महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पर पहुंचा और वकीलों के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी मनमानी कर रही है और जनता के हितों से खिलवाड़ करके सरकारी कार्यों को प्राइवेट संस्थाओं के हवाले करने की साजिश रच रही है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
दस्तावेजों के पंजीकरण का निजीकरण
विरोध प्रदर्शन का मूल कारण राज्य सरकार द्वारा दस्तावेजों (जैसे- रजिस्ट्री, अग्रिम रजिस्ट्री या स्टैम्प ड्यूटी संबंधित कार्य) के पंजीकरण के काम को निजी एजेंसियों या संस्थाओं को देने की तैयारी है। वकीलों का मानना है कि यदि यह काम प्राइवेट हाथों में चला गया, तो इससे सामान्य जनता को भारी भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा और रजिस्ट्री के खर्चों में भारी वृद्धि होगी। साथ ही, लंबे समय से इस क्षेत्र में जुड़े कार्यरत वकीलों और कर्मचारियों की रोजी-रोटी छीन जाएगी।
मुकेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
धरना स्थल पर पहुंचकर नोएडा महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश यादव ने वकीलों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर सरकारी काम को प्राइवेट संस्थाओं को बेचने के लिए तत्पर है। दस्तावेजों के पंजीकरण जैसे संवेदनशील कार्यों को प्राइवेट हाथों में सौंपना जनता के साथ धोखा है। हम सब कांग्रेसजन इस अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ वकीलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। सरकार अपनी मनमानी चला रही है, लेकिन जनता और कांग्रेस पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
उठाई जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का मुद्दा
प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम नागर ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज यहां वकील लगातार कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। धूप और बारिश का सामना कर रहे हैं, लेकिन शर्मनाक बात यह है कि भाजपा सरकार के किसी भी जनप्रतिनिधि—चाहे वह विधायक हों या सांसद—में से एक भी व्यक्ति धरना स्थल तक नहीं आया है। चुनाव के समय ये लोग वकीलों से वोट मांगते हैं, लेकिन संकट के समय ये नजरअंदाज कर रहे हैं। यह भाजपा का असली चेहरा है।
ललित अवाना और लियाकत चोधरी ने कहा कि यह सिर्फ वकीलों की लड़ाई नहीं’ संगठन मंत्री ललित अवाना ने अपने संबोधन में कांग्रेस पार्टी की ताकत को दर्शाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता आज से नहीं, बल्कि इतिहास से ही जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ता आया है। वकीलों की यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं है, यह आम आदमी की लड़ाई है और कांग्रेस इसमें पूरी तरह से डटी हुई है।”
वहीं, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव लियाकत चोधरी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों को तानाशाही करार दिया। उन्होंने कह कि भाजपा सरकार की तानाशाही दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आए दिन जनता के हितों का हनन किया जा रहा है। पहले कृषि कानून लाकर किसानों के साथ धोखा किया, अब रजिस्ट्री कार्यों को प्राइवेट करके जनता और वकीलों को लूटने की तैयारी चल रही है।
यतेद्र शर्मा ने दी आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
प्रदेश सदस्य यतेद्र शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही अपना यह फैसला वापस नहीं लिया और वकीलों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को धरातल पर उतारेगी। उन्होंने कहा कि हम सब कांग्रेसजन जनता की इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे और सड़कों से लेकर विधानसभा तक इसकी आवाज उठाएंगे। सरकार को इस बात का अहसास होना चाहिए कि जनता की चुप्पी का मतलब उसकी हार नहीं है।

मौजूदा वातावरण और भविष्य की रणनीति
रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर का वातावरण आज काफी गर्म और आक्रामक दिखा। कांग्रेस के बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं और वकीलों ने मिलकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव, प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम नागर, महासचिव रामकुमार शर्मा, अल्पसंख्यक सचिव लियाकत चोधरी, प्रदेश सदस्य यतेद्र शर्मा, संगठन मंत्री ललित अवाना, जगपाल चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार, यदि राज्य सरकार अगले कुछ दिनों में वकीलों की मांगों पर सकारात्मक संकेत नहीं देती है, तो नोएडा महानगर कांग्रेस कमेटी जल्द ही जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने या एक विशाल जनाक्रोश रैली निकालने की रणनीति बना रही है।






















