Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर चल रहा आंदोलन अब अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित इस अनिश्चितकालीन धरने में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार है।
शिक्षा की बदहाली और सरकार की अनदेखी
आंदोलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह शिक्षा से जुड़े सबसे गंभीर मुद्दों की जानबूझकर अनदेखी कर रही है। NEET पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं ने लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के सपनों पर पानी फेर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार इन मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं करती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह संघर्ष थमने वाला नहीं है।
डीयू प्रोफेसर विजेंद्र चौहान देंगे पब्लिक लेक्चर
आंदोलन को और अधिक ताकत देने के लिए वरिष्ठ शिक्षाविद और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रोफेसर विजेंद्र चौहान आज बुधवार शाम 5 बजे धरना स्थल पहुंच रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस आंदोलन का समर्थन किया है और लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर इतिहास बनाने की अपील की है।
प्रोफेसर चौहान ने अपने वीडियो में कहा कि कभी हमें ‘दो कौड़ी का शिक्षक’ कहा गया, तो कभी ‘कॉकरोच’ कहकर संबोधित किया गया। लेकिन शिक्षा के मुद्दों पर हमारी आवाज कभी नहीं रुकी। उन्होंने खुशी जताई कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब शिक्षा के सवाल देश की सार्वजनिक बहस के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष को भी अब इन मुद्दों पर जवाब देना पड़ रहा है।
प्रोफेसर चौहान धरना स्थल पर एक विशेष ‘पब्लिक लेक्चर’ देंगे, जिसमें NEET पेपर लीक की परतें, भारतीय शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के रास्तों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
गो प्रधान गो’ के नारे और प्रतीकात्मक ‘डायपर डोनेशन ड्राइव
बता दें कि मंगलवार देर रात से धरना स्थल का माहौल काफी भड़का हुआ देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और “गो प्रधान गो” के नारे लगाए। सबसे चर्चित रहा पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया गया प्रतीकात्मक अभियान “डायपर डोनेशन ड्राइव फॉर धर्मेंद्र प्रधान”। इस अभियान के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार की शिक्षा नीति और परीक्षा प्रबंधन की विफलताओं को सांकेतिक रूप से कठोरता से व्यंग्य किया। उनका कहना था कि जिस तरह से परीक्षाओं का संचालन हो रहा है और गलतियां हो रही हैं, उसे देखते हुए सरकार को डायपर की जरूरत है।
आंदोलनकारियों को मिल रही धमकियां
जैसे-जैसे आंदोलन तेज होता जा रहा है, वैसे-वैसे बाधाएं भी सामने आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों के जरिए दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि जंतर-मंतर खाली कराने के लिए प्रदर्शनकारियों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा और किसी भी धमकी से डटकर सामना किया जाएगा।
अभिजीत दीपके का पलटवार
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के उस विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें प्रधान ने कथित तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी को “टेररिस्ट की बी-टीम” कहा था।
दीपके ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे छात्रों, अभिभावकों और युवाओं का सीधा अपमान बताया कि यहां बैठे हर व्यक्ति ने अपनी मेहनत का पैसा लगाकर बच्चों को पढ़ाया है। जब उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है और छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, तो उनकी आवाज उठाना आतंकवाद नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत है।
दीपके ने सीधे तौर पर धर्मेंद्र प्रधान को जंतर-मंतर आने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने चुनौती दी। यदि मंत्री जी को लगता है कि हम गलत हैं या उनके आरोपों में दम है, तो वे सीधे जंतर-मंतर आएं और कानूनी कार्रवाई करें। सरकार को छात्रों की आत्महत्या और पेपर लीक पर जवाबदेही से नहीं भागना चाहिए।






















