Delhi News: दिल्ली के श्रमिकों, गिग वर्कर्स और झुग्गीवासियों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 35वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आमजन के लिए कई बड़ी और ऐतिहासिक सौगातों का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य किसी जरूरतमंद को केवल छत मुहैया कराना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है।
गिग वर्कर्स के लिए ‘रेस्टिंग सेंटर’ की मंजूरी
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे गिग इकॉनमी (डिलीवरी पार्टनर, राइडर आदि) से जुड़े श्रमिकों के लिए एक अभिनव पहल को मंजूरी दी गई है। अब दिल्ली भर में इन कामकाजी लोगों के लिए विशेष रेस्टिंग सेंटर और जन सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन सेंटरों को ‘अटल कैंटीन’ से जोड़ा जाएगा, ताकि गिग वर्कर्स को एक ही छत के नीचे थकान उतारने के लिए आराम और पौष्टिक भोजन दोनों की सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह सुझाव स्वयं गिग वर्कर्स ने उनसे मुलाकात के दौरान रखा था, जिसे सरकार ने तत्काल अमलीजामा पहनाया है। डूसिब को इस काम को जल्द से जल्द अंजाम देने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सावदा-घेवरा में 717 परिवारों का ‘पक्के घर’ का सपना होगा साकार
झुग्गीवासियों को पक्का आश्रय देने के अभियान को और तेजी दी गई। बैठक में सावदा-घेवरा स्थित EWS फ्लैट्स में 717 झुग्गीवासी परिवारों को आवास आवंटित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इन परिवारों में मुख्य रूप से रेस कोर्स क्षेत्र स्थित भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप बस्तियों के लोग शामिल हैं। इस योजना में केंद्र सरकार भी सहभागी है। केंद्र सरकार की ओर से प्रति लाभार्थी को 1.12 लाख रुपये की वित्तीय सहायता डूसिब को दी जाएगी। हालांकि, फ्लैट के रखरखाव के लिए लाभार्थियों को तीन महीने के भीतर 30,000 रुपये स्वयं की ओर से जमा करने होंगे। इसके अलावा, इंदिरा कैंप और राजीव कैंप जैसी पूर्व में हटाई गई बस्तियों के 221 अन्य लाभार्थियों को भी सावदा-घेवरा में आवास दिया जाएगा।
अटल कैंटीन के समय में बदलाव और पारदर्शिता का कदम
गरीबों और कामकाजी वर्ग को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली ‘अटल कैंटीन’ के संचालन समय में संशोधन किया गया है। अब लंच की सुविधा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक, जबकि डिनर शाम 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। खाद्य सामग्री के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए अब फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचान) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। लोगों की निजता (Data Privacy) को ध्यान में रखते हुए यह डेटा केवल एक माह के लिए ही सुरक्षित रखा जाएगा।
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बुनियादी ढांचे की मरम्मत को मिली गति
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में मौजूद सरकारी फ्लैट्स की दयनीय स्थिति को सुधारने के लिए कई बड़े प्रस्ताव पास किए गए। इसके तहत सुल्तानपुरी में साइट ए-3 के 1060 EWS फ्लैट्स की मरम्मत का काम किया जाएगा। द्वारका सेक्टर 16-बी स्थित लगभग 2000 मकानों को बेहतर तरीके से रहने लायक बनाया जाएगा। वहीं, भलस्वा जहांगीरपुरी पॉकेट-II में 7400 फ्लैट्स के आसपास सड़क, पार्क और सीवर सिस्टम के विकास को भी बोर्ड ने मंजूरी दी।
प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए नई व्यवस्था
विकास परियोजनाओं में आने वाली फाइलों के लंबे समय तक पेंडिंग रहने की समस्या को दूर करने के लिए डूसिब के सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा को तीन गुना बढ़ाकर 3 करोड़ से 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे छोटी-बड़ी योजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा। इसके अलावा, बेसहारा लोगों के लिए चल रहे ‘शेल्टर होम’ के संचालन का कार्यकाल 31 मई 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है, ताकि किसी भी व्यक्ति को बेघर नहीं होना पड़े।




















