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सीटू गौतम बुद्ध नगर का संकल्प, अन्याय के खिलाफ संघर्ष रहेगा जारी

Noida News: सीटू गौतम बुद्ध नगर के सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति की जीवंत मिसाल थीं। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने गुलामी स्वीकार करने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और अपने जीवन का बलिदान देकर यह साबित किया कि अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा देशभक्त होना है।

अधिकारों की लड़ाई में पीछे न हटने का सीटू ने लिया संकल्प

HIGHLIGHTS

  • रानी लक्ष्मीबाई को सीटू की भावभीनी श्रद्धांजलि
  • वीरांगना की पुण्यतिथि पर सीटू का संकल्प
  • रानी लक्ष्मीबाई का संघर्ष, मजदूर आंदोलन की प्रेरणा
  • सीटू गौतम बुद्ध नगर का श्रद्धांजलि कार्यक्रम
  • अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का संकल्प

Noida News: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना, साहस और देशभक्ति की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि के अवसर पर आज सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू), गौतम बुद्ध नगर इकाई द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया।

कार्यक्रम के दौरान सीटू नेताओं ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन भारतीय इतिहास में साहस, स्वाभिमान और प्रतिरोध का प्रतीक है। उन्होंने विदेशी हुकूमत के अन्याय और दमन के खिलाफ जिस तरह संघर्ष किया, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके बलिदान ने न केवल 1857 के आंदोलन को मजबूती दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी।

सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया

सीटू गौतम बुद्ध नगर के सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति की जीवंत मिसाल थीं। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने गुलामी स्वीकार करने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना और अपने जीवन का बलिदान देकर यह साबित किया कि अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा देशभक्त होना है।

उन्होंने आगे कहा कि रानी लक्ष्मीबाई केवल एक योद्धा नहीं थीं, बल्कि वे जनचेतना और प्रतिरोध की प्रतीक थीं। उनका संघर्ष यह संदेश देता है कि जब भी जनता अपने अधिकारों और सम्मान के लिए एकजुट होती है, तो बड़ी से बड़ी ताकतों को भी चुनौती दी जा सकती है।

मजदूर वर्ग के संघर्ष से जोड़ा गया रानी लक्ष्मीबाई का आदर्श

सीटू नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि आज देश का मेहनतकश वर्ग, मजदूर, किसान और आम जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और कॉरपोरेट नीतियों के दबाव का सामना कर रही है। ऐसे समय में रानी लक्ष्मीबाई का संघर्ष और बलिदान मजदूर आंदोलन के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

संगठन ने कहा कि जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई ने अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उसी तरह आज मजदूर वर्ग भी अपने अधिकारों, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। सीटू ने यह भी कहा कि मजदूरों की एकता ही शोषण और असमानता के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

मजदूर अधिकारों के लिए संघर्ष का संकल्प

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन हमें यह सिखाता है कि अधिकारों की लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। सीटू गौतम बुद्ध नगर इकाई ने संकल्प लिया कि वह मजदूर वर्ग की एकता को मजबूत करते हुए शोषण, असमानता और कॉरपोरेट लूट के खिलाफ संघर्ष को और तेज करेगी।

संगठन ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना और शोषण-मुक्त समाज के निर्माण के लिए आंदोलन को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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