Gurugram News: गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-तीन में अवैध निर्माण और गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। एस ब्लॉक में भारी पुलिस बल और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की टीम ने 13 मकानों में सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध निर्माण एवं अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों को समाप्त करना है, जो न केवल नियमानुसार अवैध हैं बल्कि इलाके की सामरिक सुरक्षा और शांति के लिए भी खतरा बन रहे थे।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई
सबसे प्रमुख कार्रवाई मकान नंबर एस-23/1 में हुई, जहां करीब 48 फ्लैट का अवैध निर्माण किया गया था। इसमें लगभग 43 परिवार रहते थे। यह अवैध निर्माण पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के तहत किया गया था, जिसका मकसद अवैध निर्माणों को समाप्त करना था। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में टीम ने भारी पुलिस बल के साथ इस मकान को खाली करवाकर सील कर दिया। इस दौरान बुजुर्गों और उनके परिवार के सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि वे अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर थे। इस कार्रवाई के दौरान कई बुजुर्ग हाथ जोड़कर अपनी बात कहने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।
क्लीनिक और गेस्ट हाउस पर भी कार्रवाई
गुरुग्राम में अवैध गतिविधियों का सिलसिला केवल आवासीय मकानों तक सीमित नहीं था। नाथूपुर रोड पर मकान नंबर 45 में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को भी सील किया गया। इस क्लीनिक का नाम ‘द मेडिसिटी’ था, जो बिना अनुमति के चल रहा था। यहां केवल एक मरीज भर्ती था, जिसे दूसरे अस्पताल में भेजने के बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया। पीड़ित मरीज पीयूष ने बताया कि वह तीन दिन से इस क्लीनिक में इलाज करा रहा था।
इसके अलावा, गेस्ट हाउस के रूप में चल रहे मून लाइट रेजिडेंसी को भी बंद कर दिया गया। यह गेस्ट हाउस करीब 25 कमरों का था, जिसमें कुछ लोग ठहरे हुए थे। पुलिस और विभाग के अधिकारियों ने इन कमरों को खाली करवाया और फिर इसे सील कर दिया।
अवैध रूप से संचालित अस्पताल और व्यवसायिक गतिविधियां
मकान नंबर 38 में चल रहे प्रिस्टिन केयर अस्पताल ने अवैध रूप से कॉमन क्षेत्र में शेड डालकर कब्जा कर रखा था, जिसे बुलडोजर का उपयोग कर तोड़ा गया। वहीं, मकान नंबर 2 को व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए सील किया गया। इन अवैध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर की गई है, ताकि अवैध निर्माण और व्यवसायिक गतिविधियों को रोका जा सके।
अवैध स्टिल्ट पार्किंग और रिहायशी फ्लैट्स
अधिकारीयों ने बताया कि एस-23/1 में अवैध रूप से 48 फ्लैट का निर्माण किया गया था। इसके साथ ही, कई अवैध स्टिल्ट पार्किंग भी पाई गई, जिसमें बिना अनुमति के निर्माण किया गया था। इन अवैध संरचनाओं को तोड़ने के लिए छोटे बुलडोजर मंगवाए गए हैं, ताकि अवैध निर्माणों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारी अमित मधोलिया ने कहा कि यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को छोटे साइज के बुलडोजर का प्रयोग कर स्टिल्ट पार्किंग और अवैध निर्माणों को तोड़ने का क्रम जारी रहेगा। उनका मकसद अवैध निर्माणों को पूरी तरह से समाप्त कर क्षेत्र को सुरक्षित और स्वच्छ बनाना है।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय बुजुर्गों और निवासियों में नाराजगी भी देखी गई। कई लोग अपनी जिंदगी के वर्षों से बसे घरों को खाली करने के लिए मजबूर हुए हैं। प्रशासन ने हालांकि उचित प्रक्रिया का पालन किया और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की, ताकि इलाके को नियमों के अनुरूप बनाया जा सके।























