नोएडा मीडिया क्लब में भाकियू की प्रेसवार्ता, किसानों ने उठाई आवाज

Noida News: चौधरी राकेश टिकैत एवं चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सजग है और किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करती रहेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा है।

विश्व व्यापार संगठन में एमएसपी पर अमेरिकी दबाव का भाकियू ने किया विरोध

HIGHLIGHTS

  • अमेरिकी उत्पादों से भारतीय किसानों को होगा नुकसान
  • भाकियू ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कृषि हितों की मांग की
  • व्यापार समझौते से किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर
  • अमेरिकी सब्सिडी बनाम भारतीय किसान: टिकैत ने जताई बड़ी आशंका
  • डेयरी और पोल्ट्री आयात बढ़ने से पशुपालकों को होगा भारी घाटा

Noida News: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा आज रविवार को सेक्टर-29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित कर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर किसानों की चिंताओं को सार्वजनिक किया गया। इस दौरान भाकियू नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र जारी करते हुए किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा

प्रेसवार्ता में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत एवं राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर किसानों में गहरी चिंता और आशंका व्याप्त है। उनका कहना था कि यदि समझौते के तहत कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती की जाती है और अमेरिकी कृषि एवं खाद्य उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को अधिक खोला जाता है, तो इसका सीधा असर देश के किसानों की आय और आजीविका पर पड़ेगा।

राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा

चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि अमेरिका अपने कृषि क्षेत्र को भारी सब्सिडी प्रदान करता है, जबकि भारतीय किसान सीमित संसाधनों में खेती कर रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी सब्सिडी प्राप्त कृषि उत्पादों के साथ भारतीय किसानों को प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर करना न्यायसंगत नहीं होगा। उन्होंने आशंका जताई कि डेयरी, पोल्ट्री तथा अन्य कृषि उत्पादों के आयात में वृद्धि से देश के किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।

प्रेसवार्ता के दौरान चौधरी युद्धवीर सिंह ने यह भी कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मंच पर अमेरिका लगातार भारत की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था पर सवाल उठाता रहा है। यदि किसी भी स्तर पर एमएसपी व्यवस्था को कमजोर करने या उसमें बदलाव करने का दबाव स्वीकार किया गया, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव करोड़ों धान एवं गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ेगा।

किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का कार्य रहेगी

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं के दौरान किसानों, मछुआरों, डेयरी एवं पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा ऐसा कोई समझौता न किया जाए जिससे देश की कृषि व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका प्रभावित हो।

इस अवसर पर चौधरी राकेश टिकैत एवं चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सजग है और किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करती रहेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष विस्तार से रखा गया है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर उचित कार्यवाही करेगी तथा किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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