Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-विदेश में पहचान दिलाने का एक और सफल प्रयास सामने आया है। उज्जैन (मध्यप्रदेश) में आयोजित प्रतिष्ठित “महाकालेश्वर सांस्कृतिक महोत्सव 2026” में बिलासपुर के राग मंच संगीत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का जलवा दिखाया। इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के महोत्सव में इन विद्यार्थियों ने कथक नृत्य और गायन की विभिन्न श्रेणियों में कई प्रथम स्थान हासिल कर बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दिखा कौशल
‘A सेंटर ऑफ ग्लोबल इंडियन आर्ट एंड कल्चर’ तथा ‘श्री नृत्यांजलि संस्था’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में नृत्य, गायन, वादन और विजुअल आर्ट जैसी कई विधाओं में प्रतिस्पर्धा हुई। बिलासपुर के विद्यार्थी अपने संगीत एवं नृत्य शिक्षक शंभूनाथ रजक और साहिल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने कथक की ज़बरदस्त प्रस्तुति और गायन से निर्णायकों समेत दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
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गुरु-शिष्य परंपरा को मिला सम्मान
महोत्सव का सबसे विशेष पहलू यह रहा कि जिस तरह छात्रों ने अपनी कला से मंच पर जादू जगाया, उसी तरह उनके मार्गदर्शकों को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रतिभाशाली शिक्षक साहिल सिंह ठाकुर और शंभूनाथ रजक को उनके उत्कृष्ट और निस्वार्थ मार्गदर्शन के लिए प्रतिष्ठित “संदीपनी ऋषि गुरु सम्मान” से नवाज़ा गया।
प्राचार्य ने किया बधाई देते हुए सराहनीय कार्य की प्रशंसा
इस गौरवशाली उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य साहिल सिंह ठाकुर ने खुशी व्यक्त करते हुए सभी विजेता विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा विद्यालय केवल कला की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि अच्छी मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
विद्यालय के समस्त शिक्षकगणों ने भी इस सफलता पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की और कामना की कि ये छात्र आगे चलकर देश और समाज का नाम और भी ऊंचा करें।
























