West Bengal News: पश्चिम बंगाल के आसनसोल से एक बड़ी और संवेदनशील खबर सामने आई है, जहां कालीपहाड़ी क्षेत्र में स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक मंदिर को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया है। मंगलवार दोपहर दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया है और भड़के हुए लोगों ने सड़कों पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
दोपहर के सन्नाटे ने दिया दहशत का झटका
शहर के वार्ड नंबर 38 में स्थित इस मंदिर में मंगलवार सुबह तक नियमित रूप से पूजा-पाठ होता रहा। हालांकि, जब दोपहर के समय भक्त मंदिर परिसर पहुंचे तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। मंदिर के भीतर स्थापित मां काली, भगवान शिव, संकटमोचन हनुमान, ब्रह्मा और भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्तियां खंडित पड़ी थीं। खबर फैलते ही इलाके में सन्नाटा पसर गया और मिनटों में ही गुस्साई भीड़ मंदिर के बाहर जमा होने लगी।
2026 के चुनाव से पहले ‘सुनियोजित साजिश’?
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। 2026 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नेताओं ने इसे सामान्य घटना बताने से इनकार कर दिया है। स्थानीय पार्षद मीना कुमारी हांसदा ने मौके पर पहुंचकर इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि चुनाव के नाजुक समय में शांति भंग करने और दंगे फैलाने की नीयत से यह एक सुनियोजित साजिश है।
🚨 In Kalipahari, Asansol (West Bengal), multiple idols—including those of Jai Hanuman and Goddess Kali—have been vandalized at a Hindu temple. The culprits remain at large, and the police have maintained a conspicuous silence.
A hasty attempt is being made to install new idols… pic.twitter.com/mog4wGk6lr
— Krishanu Singha (@KrishanuOnline) March 31, 2026
विधायक ने उठाए प्रशासन पर सवाल
आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि एक इतने पुराने और आस्था के केंद्र मंदिर में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है, जिससे आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आम जनता की चिंता को दोहराते हुए पूछा कि क्या लोगों की आस्था के केंद्र अब सुरक्षित नहीं रहे?
जीटी रोड पर आग और ट्रैफिक ठप
विधायक अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों और भारी संख्या में बीजेपी समर्थकों ने भैरव बाबा स्थान से एक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने आसनसोल की लाइफलाइन कहे जाने वाले जीटी रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया। सड़कों पर टायर जलाकर और नारेबाजी करके आक्रोश व्यक्त किया गया। इस हंगामे के चलते घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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इलाका छावनी में तब्दील, हाई अलर्ट
मामले की गंभीरता और बगैर किसी भड़काऊ बयान के भीड़ के उग्र होने को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया है। पूरे कालीपहाड़ी और आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की भारी तैनाती कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के अभाव में जांच पेचीदा होती दिख रही है। स्थानीय लोगों का साफ मैसेज है कि वे किसी राजनीतिक आश्वासन को तवज्जो नहीं देंगे, बल्कि उन्हें दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और सख्त से सख्त कार्रवाई चाहिए। अभी इलाके में किसी भी तरह की अफवाह से बचने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

















