Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं कि वे अब सुरक्षा व्यवस्था की परवाह किए बिना वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला गुरुग्राम के पालम विहार इलाके का है, जहां एक रिटायर्ड कर्नल के घर में चार बदमाशों ने घुसकर सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात ने पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि लूट का यह मामला एक अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़ा है, जिसके सदस्य बांग्लादेश के नागरिक हैं।
पालम विहार थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में आरोपियों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर लाखों का माल लूट लिया। गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने मुश्तैदी से कार्रवाई करते हुए इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला भी एक एक्शन फिल्म जैसा रहा, जब पुलिस ने उन्हें घेरा तो वे गिरफ्तारी से बचने के लिए एक ऊंची जगह (फ्लाईओवर/अंडरपास) से कूद गए, जिससे उनके हाथ-पैर टूट गए।
वारदात का विवरण: बंधक बनाकर की गई लूट
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति, जो कि रिटायर्ड कर्नल हैं, ने पालम विहार थाना पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, 4 जून की सुबह तड़के जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी चार अज्ञात बदमाश उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने घर में प्रवेश करने के लिए बहुत ही शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने मकान के पिछले हिस्से की लोहे की ग्रिल को काटकर अंदर घुसने का रास्ता बनाया।
घर में घुसते ही बदमाशों ने पहले परिवार के सदस्यों, खासकर महिलाओं को अपनी हिरासत में ले लिया और हथियारों की नोंक पर उन्हें डराने-धमकाने लगे। आरोपियों ने पूरे घर में लूटपाट शुरू कर दी और अलमारियों को तोड़कर सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इतना ही नहीं, वे मौका मिलते ही घर में रखी नकदी और अन्य कीमती सामान भी लेकर फरार हो गए। जाते समय बदमाशों ने परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी, ताकि कोई सूचना पुलिस को तत्काल न दे सके।
पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर
शिकायत मिलते ही पालम विहार थाना पुलिस हरकत में आ गई और तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच, पालम विहार को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
सख्त जांच के बाद पुलिस को पता चला कि ये सभी आरोपी फिलहाल दिल्ली के संगम विहार इलाके में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली पुलिस की मदद से संगम विहार में दबिश दी। जैसे ही पुलिस ने आरोपियों को देखा और उन्हें घेरा, वे भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने जब उन पर काबू पाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक खतरनाक कदम उठाया और एक अंडरपास (या फ्लाईओवर) से नीचे कूद गए।
भागने की कोशिश भारी पड़ी, टूटी हड्डियां
इस भागने की कोशिश में चारों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, ऊंचाई से कूदने के कारण खैरुल उर्फ अरमान के दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं। वहीं, दूसरे आरोपी हिलाल और मामन के एक-एक पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि चौथे आरोपी मामो खान के हाथ की हड्डी टूट गई। घायल हालत में चीखते-चिल्लाते इन अपराधियों को पुलिस ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा।
24 मामलों का आरोपी है यह गैंग
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पकड़े गए सभी चारों आरोपी बांग्लादेश के रहने वाले हैं और ये भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। इनका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन चारों बदमाशों के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, चोरी तथा अन्य गंभीर अपराधों के कुल 24 मामले पहले से दर्ज हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये लोग कथित तौर पर बांग्लादेश से भारत आते हैं, यहां अलग-अलग राज्यों में वारदातों को अंजाम देते हैं और फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए वापस अपने देश लौट जाते हैं। ये गैंग दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सक्रिय है और रेकी करके बड़ी वारदातों को अंजाम देता है।






















