ऋषी तिवारी
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई तरुण कुमार की बर्बर हत्या ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया है। पानी के गुब्बारे पर छिड़े विवाद में 26 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद से शहर में आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जेएनयू (JNU) इकाई ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में जबरदस्त प्रदर्शन किया।
पुतला दहन के साथ उठाई न्याय की मांग
विश्वविद्यालय परिसर में साबरमती ढाबे के पास ABVP कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया और आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। संगठन का मानना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह समाज की शांति, कानून व्यवस्था और इंसानियत पर सीधा हमला है। घटना में धार्मिक तनाव और सामाजिक वैमनस्य के पहलू सामने आने से चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
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‘वामपंथी संगठनों की चुप्पी संवेदनहीनता’
ABVP जेएनयू के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने इस जघन्य कृत्य पर समाज के सभी वर्गों से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। उन्होंने वामपंथी संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी वामपंथी दलों की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। मयंक पांचाल ने कहा, “निर्दोष युवक की हत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप रहना संवेदनहीनता की हद है।”
राजनीति से परे न्याय की मांग
ABVP जेएनयू मंत्री प्रवीण पीयूष ने तरुण की हत्या की कड़ी निंदा की और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाना अनिवार्य है। प्रवीण पीयूष ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यह मांग किसी विचारधारा या राजनीतिक फायदे से परे होनी चाहिए, जैसा कि कुछ वामपंथी दल करते दिख रहे हैं।
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पुलिस कार्रवाई और इलाके में तनाव
बता दें कि यह हृदयविदारक घटना 4 मार्च को जेजे कॉलोनी में हुई थी। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों पर एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। वर्तमान में इलाके में तनाव बरकरार है और हिंदू संगठनों की ओर से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज हो रही है।





















