Petrol-Diesel Price Hike Aap Party sanjay: देश में महंगाई का दर्द आम जनता के लिए थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम आदमी की जेब पर एक बार फिर से बड़ा आर्थिक बोझ पड़ा है। आज सोमवार सुबह ही पेट्रोल कंपनियों ने ईंधन के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी, जिससे आम जनता में हाहाकार मच गया। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 2.61 रुपए और 2.71 रुपए की वृद्धि की गई है। यह बीते दस दिनों में ईंधन की कीमतों में हुई चौथी बढ़ोतरी है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के बाद केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर विपक्षियों के निशाने पर आ गई है।
पेट्रोल और डीजल के दामों में यह उछाल इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यह सीधे तौर पर आम आदमी की किचन और उसकी यात्रा खर्च पर असर डालता है। देश में डीजल की मांग पहले ही कमजोर पड़ रही थी, लेकिन इस तरह के भारी भर्ती से परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा, जिसका असर जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ना तय है। इस मामले में सबसे पहले प्रतिक्रिया आप पार्टी (AAP) की तरफ से सामने आई है। आप पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है और आम जनता की पीड़ा को मुद्दा बनाया है।
संजय सिंह का तंज- “चुनाव खत्म, जरूरत खत्म”
आप पार्टी (AAP) से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्र सरकार के ‘असंवेदनशील’ रवैये पर सवाल उठाए। संजय सिंह ने लिखा कि प्यारे देशवासियों मोदी जी के लिए आप मात्र एक वोट हैं। चुनाव ख़त्म ज़रूरत ख़त्म।
उनका यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें यह संकेत छिपा है कि सरकार केवल चुनाव के समय जनता को याद करती है और जैसे ही चुनाव समाप्त होते हैं, जनता की समस्याओं को भुला दिया जाता है। संजय सिंह ने आगे कहा कि वैसे अंधभक्त तो 200 रू तक पेट्रोल ख़रीदने को तैयार हैं।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने सरकार के समर्थकों पर भी तंज कसा, जो महंगाई के बावजूद सरकार का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार की गलत नीतियों के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
मनीष सिसोदिया की अपील- “सैलरी नहीं बढ़ी, दाम बढ़े”
वहीं, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी पेट्रोल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी बात रखते हुए एक लंबा बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने आम आदमी की दशा और दिशा को बयान किया। उन्होंने लिखा कि रहम कीजिए मोदी जी, आप रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल महंगा कर रहे हो, सैलरी किसी की बढ़ नहीं रही, नौकरी बची रहे यही ग़नीमत है!
सिसोदिया के इस बयान में मध्यमवर्गीय परिवारों का दर्द साफ झलकता है। महंगाई बढ़ रही है, लेकिन आय के स्रोत स्थिर हैं। नौकरियों का संकट गहरा रहा है और ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ना एक आम आदमी के लिए डबल मारा है। सिसोदिया ने आगे कहा, “व्यापार सबके चौपट पड़े हैं आपके राज में।” यह बयान कारोबारी वर्ग की बेचैनी को भी दर्शाता है, जिन्हें मंदी और बढ़ती लागत के बीच अपना व्यवसाय चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
“दूध, सब्जी, रोटी सब महंगा”
मनीष सिसोदिया ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के सीधे असर को भी समझाया। उन्होंने कहा कि आप रोज़ाना तेल के दाम बढ़ा देते हो, इसके बाद दूध सब्ज़ी रोटी जैसी चीज़े रोज़ाना अपने आप महंगी हो जाती है। यह आर्थिक सच्चाई है। परिवहन का खर्च बढ़ने के कारण सब्जियों, फलों और अन्य जरूरी वस्तुओं की ढुलाई महंगी होती है, जिसका खामियाजा उपभोक्ता को चुकाना पड़ता है। आम आदमी के लिए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल होता जा रहा है। सिसोदिया ने सवाल पूछा, “कहाँ से लायें इतना पैसा?” यह सवाल आज हर मध्यमवर्गीय परिवार के मन में है।
पुराने वीडियो की याद दिलाकर साधा निशाना
सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन पुराने बयानों को भी याद दिलाया, जो उन्होंने विपक्ष में रहते हुए दिए थे। उन्होंने कहा, “कुछ साल पहले का अपना ये वीडियो देखिए, ये आप ही थे ना?” यह एक राजनीतिक हथकंडा है, जिसमें विपक्ष पीएम मोदी के अपने ही शब्दों को उनके खिलाफ इस्तेमाल करता है। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर पीएम मोदी ने पूर्व में यूपीए सरकार पर काफी हमले बोले थे, लेकिन अब जब वे खुद सत्ता में हैं, तो स्थिति उलट दिख रही है।
मांग- दाम वापस लीजिए
अपने बयान के अंत में मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “मैं आशा करूंगा कि प्रधानमंत्री जी देश की स्थिति को गंभीरता से लें और पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं, उसको वापस लें।” AAP की यह मांग देश भर की जनता की मांग भी है। लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों का धैर्य जवाब देना शुरू कर दिया है।
























