Delhi News: संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के मौके पर आप पार्टी ने बढ़ती महंगाई और मजदूरों के शोषण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने साफ कहा कि एक तरफ बाबा साहब के आदर्शों की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है।
संविधान की आत्मा तभी जिंदा रहेगी जब समाज में बराबरी होगी
आप पार्टी विधायक संजीव झा ने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसका सबसे बड़ा कारण बाबा साहब द्वारा दिया गया संविधान है। इसमें सबको बराबरी का अधिकार मिला है। बाबा साहब खुद कहते थे कि संविधान का सही उपयोग तभी होगा, जब समाज में सामाजिक लोकतंत्र होगा। कानून में बराबरी है, नहीं तो समाज में न्याय अधूरा रह जाएगा।
नोएडा आंदोलन पर सरकार से सवाल
आप पार्टी विधायक संजीव झा ने महंगाई और रोजगार के मुद्दे को जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ महंगाई चरम पर है, दूसरी तरफ मजदूरों को 8-9 हजार रुपये में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। क्या यही बाबा साहब का सपना था? अगर सच में उनकी जयंती मनानी है तो मजदूरों को उनका हक देना होगा, न कि उन्हें सड़कों पर लाठी खाने के लिए मजबूर करना होगा।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ माल्यार्पण से बाबा साहब का सम्मान नहीं होगा।
केजरीवाल सरकार का मॉडल रखा सामने
आप पार्टी विधायक संजीव झा ने तत्कालीन केजरीवाल सरकार के कामों का जिक्र करते हुए कहा, “दिल्ली में जब केजरीवाल सरकार थी, तब मजदूरों के लिए मिनिमम वेज 15 हजार से ज्यादा तय की गई थी और अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई थी। यह देश में एक उदाहरण था कि सरकार चाहे तो मजदूरों के लिए बेहतर व्यवस्था कर सकती है।”
बाबासाहेब ने संविधान में सभी को समानता का अधिकार दिया, लेकिन इस भाजपा सरकार में सभी वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है।
कल नोएडा में कर्मचारियों ने अपने सही वेतन के लिए आंदोलन किया, तो भाजपा की पुलिस ने उन्हें बुरी तरह पीटा और आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया।
एक तरफ़ सरकार… pic.twitter.com/DmjydDWSmA
— AAP (@AamAadmiParty) April 14, 2026
एडा का आंदोलन पूरे देश की आवाज
विधायक कुलदीप कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अक्षरधाम रैली और नोएडा के मजदूर आंदोलन के बीच तुलना करते हुए कहा, “एक तरफ प्रधानमंत्री रैली कर रहे हैं और कुछ किलोमीटर दूर मजदूर अपने हक के लिए सड़क पर हैं। बाबा साहब ने श्रम कानूनों के जरिए मजदूरों के अधिकारों को मजबूत किया था। उन्होंने 8 घंटे काम, समान काम समान वेतन, पीएफ और महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश जैसे अधिकार दिए। लेकिन आज मजदूरों से 12 घंटे काम कराया जा रहा है और उन्हें सिर्फ 8 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।” उन्होंने पूछा कि जब महंगाई इतनी बढ़ गई है तो 8 हजार रुपये में कोई परिवार कैसे चलेगा?
ट्रेड यूनियन और मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि बाबा साहब ने ट्रेड यूनियन की जरूरत बताई थी ताकि मजदूर अपनी आवाज उठा सकें, लेकिन आज सरकारें उनकी आवाज दबाने, उन्हें जेल में डालने और आंदोलन खत्म करने में लगी हैं। दिल्ली की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यहां भी कई जगह मजदूरों से 10 हजार रुपये में काम लिया जा रहा है और ठेकेदार बदलने पर उनसे लाखों रुपये लेकर नौकरी दी जा रही है, जो सीधा शोषण है। आप नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों से मजदूरों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों को सुनने और उन्हें उनका अधिकार देने की अपील की है।




















