Noida News: नोएडा में आयोजित “12 साल नरेंद्र मोदी विकास के, विश्वास के, जनकल्याण के” तथा “लक्ष्य 2047: संकल्प से सिद्धि तक, विकसित भारत की ओर” विषयक जिला प्रबुद्ध सम्मेलन ने देश के विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार किया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता (आर्थिक विषय) गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए और उत्तर प्रदेश की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का उद्देश्य देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा देना था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों की सफलता का सारांश प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों, सांसदों, मंत्रियों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
2014 से पहले का भारत—विश्वास और विकास का संकट
अग्रवाल ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व भारत में यह विश्वास कमजोर पड़ गया था कि देश अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विश्व मंच पर अपनी उचित स्थान पुनः प्राप्त कर सकता है। उस समय देश में भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन, योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही की कमी और लीकेज की समस्या आम थी, जिसके कारण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाता था।
उन्होंने बताया कि उस समय आर्थिक सुधारों को मजबूरी में किया गया था, परन्तु 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू सुधारों ने देश की दिशा ही बदल दी। इन सुधारों ने शासन व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया है। डिजिटल इंडिया, आधार प्रणाली, और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी तकनीक-संचालित योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों तक सीधे राशि पहुंचाई गई, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आई और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ी।
सफलताओं का सारांश
अग्रवाल ने विभिन्न उल्लेखनीय उपलब्धियों का संदर्भ देते हुए कहा कि 2014 में देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जो आज बढ़कर 150 से अधिक हो गए हैं। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार अब 50 से अधिक शहरों तक हो चुका है। रक्षा निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो 700 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गति भी पहले के मुकाबले दोगुनी से अधिक हो गई है, जहां अब औसतन 35 किलोमीटर सड़क प्रतिदिन का निर्माण हो रहा है।
विक्षेपित क्षेत्रों में भारत ने सौर ऊर्जा, एथेनॉल मिश्रण, रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की है। इस के साथ ही, पिछले वर्ष केंद्र सरकार को सार्वजनिक उपक्रमों से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का लाभांश प्राप्त हुआ, जो देश की आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है।
उत्तर प्रदेश की भूमिका और संभावनाएँ
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की बात करें तो, यहां की मजबूत कानून-व्यवस्था, विकसित आधारभूत संरचना, कुशल श्रमशक्ति और निवेश-अनुकूल वातावरण ने प्रदेश को विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता प्रदान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश और सामाजिक सुधारों का प्रभावी समन्वय प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में सहायक है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों, युवाओं और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम का समापन एवं शुभकामनाएँ
कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्य सरकार के मंत्री बृजेश सिंह, राज्यसभा सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व सांसद कांता कर्दम, पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण, एनईए के अध्यक्ष विपिन मल्हन, वरिष्ठ नेता नवाब सिंह नागर, नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान और अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
अग्रवाल ने अपने भाषण में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हम सब मिलकर अपने संकल्प को हकीकत में बदलेंगे। उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो देश के विकास में एक नई ऊर्जा का संचार कर रहा है।






















