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51 दिन से भूखे प्यासे ग्रामीणों ने सरकार खिलाफ खोला मोर्चा

Haryana News: आंदोलन की अगुवाई कर रहे धरना कमेटी के प्रमुख अनूप कुमार चानौत का स्टैंड बेहद स्पष्ट है। उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी एकमात्र मांग है चानौत गांव को शहरी पाइपलाइन से जोड़कर टी-पॉइंट के जरिए पेयजल दिया जाए।

शैलजा का आरोप- घोटालों वाली भाजपा चानौत पिला रही प्यास

HIGHLIGHTS

  • डेढ़ किमी मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों ने मांगी पानी गारंटी
  • सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ पहुंची खाप, चानौत आंदोलन को मिला बल
  • शैलजा का चानौत धरने पर आगमन, भाजपा सरकार बरसे हमले
  • टी पॉइंट से पानी नहीं तो नहीं रुकेगा चानौत आंदोलन
  • हरियाणा का अनोखा नजारा: पानी के लिए डेढ़ किमी श्रृंखला

Haryana News: हरियाणा के हांसी ब्लॉक स्थित चानौत गांव में पिछले 51 दिनों से जल संकट के खिलाफ एक अनूठा आंदोलन चल रहा है। पेयजल की गंभीर कमी को लेकर यहां के ग्रामीणों ने ऐसा करिश्मा कर दिखाया है, जिसे हरियाणा में पहले कभी देखा नहीं गया। शहरी पाइपलाइन से निकली और फिर उखाड़ दी गई एक टी-पॉइंट को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब एक ऐतिहासिक मानव श्रृंखला के रूप में सामने आई है।

51वें दिन बनी डेढ़ किलोमीटर लंबी जन श्रृंखला

आंदोलन के 51वें दिन शनिवार को चानौत के लोगों ने एक ऐसी तस्वीर पेश की, जो सरकार के लिए झटका साबित हो सकती है। उस स्थान से लेकर गांव के जलघर तक, जहां पहले शहरी जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन से टी लगाई गई थी और बाद में उसे हटा दिया गया, ग्रामीणों ने लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई।

इस श्रृंखला में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और छोटे बच्चे सभी शामिल हुए। हाथों में हाथ डाले खड़े इन लोगों का उद्देश्य सिर्फ एक संदेश देना था—”हम एकजुट हैं और बिना अपनी मांग पूरी हुए नहीं रुकेंगे।” हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आंदोलन को लेकर इस तरह की विशाल मानव श्रृंखला अब तक की पहली घटना मानी जा रही है।

खाप पंचायतों का खुला समर्थन और ट्रैक्टर मार्च

चानौत का आंदोलन अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक रूप ले लिया है। रोघी खाप और बूरा खाप के तत्वावधान में आसपास के 24 गांवों के सरपंच, पंच और कार्यकर्ता सैकड़ों ट्रैक्टरों पर सवार होकर चानौत पहुंचे। ट्रैक्टरों का यह काफिला आंदोलन की ताकत को दर्शाता है। इस ट्रैक्टर मार्च ने न सिर्फ धरना स्थल पर नया जोश भरा, बल्कि प्रशासन और सरकार को यह संदेश भी दिया कि पूरा क्षेत्र चानौत के लोगों के साथ खड़ा है।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे धरना कमेटी के प्रमुख अनूप कुमार चानौत का स्टैंड बेहद स्पष्ट है। उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी एकमात्र मांग है चानौत गांव को शहरी पाइपलाइन से जोड़कर टी-पॉइंट के जरिए पेयजल दिया जाए।

अनूप कुमार ने कहा कि हम पानी किसी और रास्ते से नहीं लेंगे। जब तक टी-पॉइंट से पानी की सप्लाई बहाल नहीं होती, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। इस 1.5 किलोमीटर की मानव श्रृंखला के जरिए हमने सरकार तक अपनी आवाज को बेहद मजबूती से पहुंचाने की कोशिश की है।

इसी तरह, आंदोलन में सक्रिय महिला ग्रामीण सोनिया ने भी सरकार से अपील करते हुए साफ कहा कि उनके घरों में पानी की किल्लत गंभीर है और उनका धरना तब तक जारी रहेगा जब तक टी-पॉइंट से नल का पानी नहीं आने लगता।

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने किया समर्थन

इस जन आंदोलन को राजनीतिक बल मिलता देख शनिवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और सांसद कुमारी शैलजा धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को पूरी तरह से जायज बताया। शैलजा ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी चानौत के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उन्हें पानी दिलाकर ही रहेगी।

राज्य सरकार को घेरते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा में वर्तमान सरकार ‘घोटालों की सरकार’ बनकर रह गई है। उनका आरोप था कि प्रदेश में विकास के नाम पर जो काम हो रहे हैं, उनकी हर ईंट के नीचे भ्रष्टाचार छिपा हुआ है।

सांसद ने युवाओं के मुद्दे को भी इस आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से हरियाणा के लाखों युवाओं का भविष्य अंधेरे में जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आएगी, भाजपा शासनकाल में हुए सभी घोटालों का पर्दाफाश करके उनकी कड़ी जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

अभी आंदोलन और तेज होने वाला है। धरना समिति ने 6 जुलाई को एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में खाप प्रतिनिधियों, 24 गांवों के सरपंचों और ग्रामीणों के बीच विचार-विमर्श होगा। अगर 6 जुलाई तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल या टी-पॉइंट से पानी देने का आश्वासन नहीं मिलता है, तो आंदोलन को और उग्र रूप देने की रणनीति तैयार की जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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