American Politics : अमेरिकी राजनीति में एक ऐसा पैटर्न सदियों से देखा जा रहा है, जो किसी भी सत्तारूढ़ पार्टी या राष्ट्रपति के लिए चुनौती बना रहता है। जब भी अमेरिका किसी बड़े युद्ध या सैन्य संकट की चपेट में आता है, तो सबसे पहला और सबसे बड़ा नुकसान रक्षा मंत्री (Defense Secretary) की कुर्सी को उठाना पड़ता है। यह परंपरा आज से नहीं, बल्कि दशकों पुरानी है। वर्तमान में डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के संदर्भ में भी यही सवाल उठ रहा है। आखिरकार, युद्ध की बेदी पर कितने ताकतवर रक्षा मंत्रियों को अपना पद गंवाना पड़ा? आइए जानते हैं उन 5 बड़े उदाहरणों के बारे में जो अमेरिकी इतिहास में दर्ज हैं।
1. रॉबर्ट मैकनामारा (1968): वियतनाम युद्ध का ‘मुख्य योजनाकार’
वियतनाम युद्ध को अमेरिकी इतिहास का सबसे विवादिस और खूनी अध्याय माना जाता है। रॉबर्ट मैकनामारा को इस युद्ध का मुख्य योजनाकार माना जाता था, जिन्होंने युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों की संख्या तेजी से बढ़ाई थी। लेकिन जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचता गया और अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा, मैकनामारा का राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन के साथ मोहभंग हो गया। 1968 में उन्हें पद छोड़ना पड़ा। हालांकि औपचारिक रूप से इसे एक ‘ट्रांसफर’ बताया गया, लेकिन राजनीतिक जगत जानता था कि यह युद्ध की विफलता का सीधा परिणाम था।
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2. डोनाल्ड रम्सफेल्ड (2006): इराक युद्ध का बोझ
इराक युद्ध के दौरान डोनाल्ड रम्सफेल्ड अमेरिकी सत्ता के सबसे ताकतवर चेहरों में से एक थे। लेकिन युद्ध जितना लंबा खिंचा और इराक में हिंसा जितनी बढ़ी, उनकी आलोचना उतनी ही तेज होती गई। 2006 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को जो भारी नुकसान हुआ, उसकी सीधी जिम्मेदारी युद्ध नीति को माना गया। चुनावों में हार के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को रम्सफेल्ड से इस्तीफा लेना पड़ा। यह अमेरिकी जनता के युद्ध से थक जाने का संकेत था।
3. चक हेगल (2014): ISIS से जूझ में तालमेल की कमी
बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान मध्य पूर्व (Middle East) की नीतियां अमेरिका के लिए मुश्किल खड़ी कर रही थीं। इस्लामिक स्टेट (ISIS) के उभार और सीरिया में दखलअंदाजी को लेकर रक्षा मंत्री चक हेगल और व्हाइट हाउस के बीच गहरे मतभेद सामने आए। जब नीतिगत स्तर पर तालमेल नहीं बैठ पाया, तो ओबामा ने हेगल से इस्तीफा मांग लिया। इस घटना ने यह साफ कर दिया कि युद्ध नीति पर सहमति न होने पर रक्षा मंत्री को ही रास्ता दिखाया जाता है।
4. जेम्स मैटिस (2018): सैन्य नीति पर टकराव
‘मैड डॉग’ के नाम से मशहूर जेम्स मैटिस को डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में काफी सम्मान मिला। लेकिन सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की अचानक वापसी के फैसले ने सब कुछ बदल दिया। मैटिस का मानना था कि सहयोगी देशों को बीच मझधार में छोड़ना अमेरिका के लिए गलत है। ट्रंप के इस एकतरफा फैसले के कारण मैटिस ने पद से इस्तीफा दे दिया। यह राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री के बीच सैन्य फैसलों पर मतभेद का एक बड़ा उदाहरण है।
5. मार्क एस्पर (2020): घरेलू उथल-पुथल
मार्क एस्पर को किसी एक युद्ध की वजह से नहीं, बल्कि घरेलू विरोध प्रदर्शनों के दौरान सेना के इस्तेमाल को लेकर ट्रंप के साथ हुए विवाद की भेंट चढ़ना पड़ा। 2020 में अमेरिका में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सैन्य बल के इस्तेमाल पर एस्पर की असहमति ट्रंप को नागवार गुजरी। इसके परिणामस्वरूप उन्हें पद से हटा दिया गया।
क्या अब हेगसेथ की बारी?
इतिहास के इन पड़ावों के बाद अब सवाल वर्तमान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 23 मार्च को टेनेसी में एक कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा खुलासा किया। ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि ईरान पर हमला करने का सुझाव सबसे पहले पीट हेगसेथ ने दिया था। ट्रंप ने कहा, *”पीट, मुझे लगता है कि तुम ही पहले व्यक्ति थे, जिसने आवाज उठाई थी कि हमें हमला करना चाहिए, क्योंकि तुम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते।”*
मौजूदा संकट
ईरान के खिलाफ अमेरिका की जंग अब 25 दिनों का सफर तय कर चुकी है। स्थिति कुछ ऐसी है विरोधाभास ट्रंप का दावा है कि ईरान बातचीत को तैयार है, जबकि ईरान इसे नकार रहा है और ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहा है। आर्थिक दबाव अमेरिका में युद्ध खर्च को लेकर विरोध बढ़ रहा है। सामरिक नाकामी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दबाव बनाकर अमेरिका को हमले कम करने के लिए मजबूर कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि अगर युद्ध की स्थिति में कोई नाकामी सामने आती है या लंबा खिंचती है, तो ट्रंप हेगसेथ को ही कुर्सी से हटाकर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी बचाने की कोशिश कर सकते हैं। इतिहास की पुनरावृत्ति के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं।





















