Chhattisgarh News: आज के डिजिटल युग में बच्चों के व्यवहार निर्माण और उन्हें जीवन की सही समझ देने के लिए ‘सविता स्मृति स्वरोज फाउंडेशन’ की ओर से एक विचारोत्तेजक कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित साईं परिसर हाउसिंग सोसायटी में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “जीवन की समझ” था, जिसमें अभिभावकों, विशेषकर महिलाओं की भारी भागीदारी देखी गई।
मोबाइल और AI के प्रभाव से रहें अभिभावक सतर्क
कार्यशाला की मुख्य अतिथि, पूर्व शिक्षिका, पूर्व सदस्य फेमिली कोर्ट एवं समाजसेविका सत्यभामा अवस्थी ने बच्चों की सोच और जीवन दृष्टि पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़ों और बच्चों की जीवन दृष्टि में स्पष्ट अंतर होता है। उन्होंने वर्तमान समय में मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दखल पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों को सतर्क रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को वास्तविकता और कृत्रिमता (Real vs. Artificial) के बीच अंतर समझाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
घर और बाहर का व्यवहार अलग होना पड़ेगा भारी
विशेष अतिथि केनेथ कॉलिन्स (पूर्व अंग्रेजी शिक्षक एवं समाजसेवी) ने अभिभावकों को एक अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों का व्यक्तित्व उनके माता-पिता के व्यवहार का प्रतिबिंब होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि अभिभावकों का घर और बाहर का व्यवहार अलग-अलग है, तो इसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव बच्चों के मन पर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में अच्छे नागरिक बनाने के लिए सबसे पहले अभिभावकों को खुद में सकारात्मक बदलाव लाना होगा।
फाउंडेशन की नींव और प्रेरणा
कार्यक्रम की शुरुआत में रितु सिंह ने फाउंडेशन की प्रणेता स्वर्गीय सविता प्रथमेश के जीवन के प्रेरक प्रसंगों का वाचन किया, जिससे कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरणादायक वातावरण बना। फाउंडेशन के निदेशक प्रथमेश सविता ने उपस्थित लोगों को संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी और स्वर्गीय सविता के विचारों से सभी को अवगत कराया।
सोसायटी के अध्यक्ष एन. के. शर्मा ने इस सार्थक परिचर्चा के आयोजन के लिए फाउंडेशन का प्रशंसा पूर्वक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन फाउंडेशन की निदेशक शिवा मिश्रा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और सहभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्वाति सिंह के विशेष प्रयासों और सहयोग की सराहना की।


























