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तिमाही नतीजे आए निराशाजनक, डी-मार्ट के शेयरों में भारी गिरावट

शेयर बाजार के शुरुआती घंटों में ही एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों पर भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 3950 रुपये के स्तर पर कमजोर खुला और कुछ ही पलों में इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई।

गोल्डमैन सैक्स बोला सेल, डीमार्ट निवेशकों के लिए बना खतरा।

HIGHLIGHTS

  • क्विक कॉमर्स ने मारी बाज, डीमार्ट के शेयर 4% नीचे
  • बड़े ब्रोकर्स बोले सेल, डीमार्ट के शेयरों पर भारी दबाव
  • मेट्रो शहरों में फ्लॉप, डीमार्ट के शेयर लुढ़के 4% नीचे
  • दो साल में 19% डूबा, क्या डीमार्ट शेयर अब संभलेगा?
  • निवेशकों को अलर्ट, डीमार्ट शेयर तेजी से हो रहा डूबा

stock market today: राधाकिशन दमानी के नेतृत्व वाली देश की बड़ी रिटेल चेन डी-मार्ट (DMart) की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड (Avenue Supermarts Ltd) इन दिनों शेयर बाजार में एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। ताजा तिमाही नतीजे (Q1 FY27) सामने आने के बाद निवेशकों की निराशा साफ दिख रही है। आज सोमवार के कारोबारी सेशन में कंपनी के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में कुछ बड़े बदलाव नहीं करती, तब तक इस शेयर में तेजी आने की उम्मीद कम है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।

बाजार में डी-मार्ट शेयरों का हाल

आज सोमवार शेयर बाजार (Share Market) के शुरुआती घंटों में ही एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों पर भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई (BSE) पर कंपनी का शेयर 3950 रुपये के स्तर पर कमजोर खुला और कुछ ही पलों में इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई। ट्रेडिंग के दौरान यह इंट्रा-डे लो लेवल (Intra-day low level) के रूप में 3910 रुपये तक लुढ़क गया। इस भारी गिरावट के कारण डी-मार्ट बीएसई 500 (BSE 500) और एनएसई 500 (NSE 500) इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों (Top Losers) की लिस्ट में शामिल हो गया।

अगर हम कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें, तो बाहर से देखने में ये बुरे नहीं लगते। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) 11.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 860.44 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 772.81 करोड़ रुपये था।

वहीं, कंपनी की ऑपरेटिंग रेवन्यू (Operating Revenue) 14.9 प्रतिशत बढ़कर 18,794.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 16,359.70 करोड़ रुपये था। फिर भी शेयर गिरा, इसका मतलब साफ है कि स्ट्रीट (Street) की उम्मीदें इस आंकड़े से कहीं ज्यादा थीं। डी-मार्ट हमेशा से अपने वैल्यूएशन प्रीमियम (Valuation Premium) के चलते बाजार की नजरों में रहता है, और जब कोई कंपनी हाई वैल्यूएशन पर ट्रेड करती है, तो उसे हर तिमाही ‘ब्लॉकबस्टर’ नतीजे देने होते हैं, जो इस बार नहीं हो पाए।

एक्सपर्ट्स को किन बातों की चिंता सता रही है?

शेयर बाजार के विश्लेषकों (Experts) और ब्रोकरेज हाउसें इस नतीजे के पीछे दो बड़ी चुनौतियों की ओर इशारा कर रही हैं:

1. मेट्रो शहरों में ग्रोथ की रफ्तार हुई धीमी

डी-मार्ट का मॉडल ‘लो कॉस्ट और हाई वॉल्यूम’ का है। हालांकि, अब दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े मेट्रो शहरों में कंपनी की ग्रोथ सैचुरेट (Saturation) होती जा रही है। इन शहरों में अब नए स्टोर खोलने की जगह कम हो गई है और मौजूदा स्टोर्स से जो रेवन्यू आ रहा है, वह अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पा रहा है।

2. क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) का खतरा:

यह सबसे बड़ा और सबसे तात्कालिक खतरा है। जैसे-जैसे ब्लिंकिट (Blinkit), जीपीटो (Zepto) और स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) जैसे प्लेटफॉर्म्स 10 मिनट की डिलीवरी में मास्टरस्ट्रोक चला रहे हैं, उनका सीधा असर डी-मार्ट जैसी ऑफलाइन सुपरमार्केट चेन पर पड़ रहा है। ग्राहक अब दैनिक जरूरत की चीजों (डेयरी, साबुन, स्नैक्स) के लिए डी-मार्ट जाने के बजाय फोन पर ही ऑर्डर कर रहे हैं। क्विक कॉमर्स ने डी-मार्ट का एक बड़ा हिस्सा मार्केट शेयर छीन लिया है।

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस भी निराश

मनी कंट्रोल (Moneycontrol) की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स के बढ़ते खतरे और मेट्रो शहरों में कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने अपना रुख साफ कर दिया है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) और सिटी (Citi) इन दो बड़ी ब्रोकरेज हाउसेस ने डी-मार्ट के शेयरों पर ‘सेल’ (Sell) की रेटिंग लगा दी है। इसका मतलब है कि उन्हें लगता है कि आने वाले समय में शेयर और नीचे जा सकता है।

जेपी मॉर्गन (JPMorgan) इसने अपनी रेटिंग को ‘न्यूट्रल’ (Neutral) पर बरकरार रखा है, यानी ना खरीदने की सलाह और ना ही बेचने की। जेफरीज (Jefferies): इसने भी शेयर पर ‘होल्ड’ (Hold) की रेटिंग को मेंटेन रखा है। किसी भी मजबूत फंडामेंटल कंपनी पर ‘सेल’ रेटिंग आना खुद में एक बड़ा संकेत होता है कि निवेशकों को तत्काल जोखिम से बचना चाहिए।

पिछले 1 से 2 सालों में शेयर का खसारा

अगर हम लंबी अवधि (Long-term) के नजरिए से डी-मार्ट के शेयर को देखें, तो यह निराश करने वाला रहा है। वर्ष 2026 (अब तक) में आज की गिरावट के बावजूद शेयर में 7.57 प्रतिशत की बढ़त दिख रही है। लेकिन अगर पिछले एक साल (1 Year) के प्रदर्शन को देखा जाए, तो यह -1.59 प्रतिशत (नकारात्मक) रहा है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो सालों (2 Years) में डी-मार्ट के शेयरों की कीमतों में लगभग 19 प्रतिशत की भारी गिरावट आ चुकी है, जबकि इस दौरान बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) ने नए उच्च स्तर छुए हैं।

Sandhya Samay News

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