भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को तीव्र गिरावट के साथ खुला, जो पिछले कई दिनों की तेजी के ट्रेंड के बीच एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। बीते पांच कारोबारी सत्रों में जब बाजार में सकारात्मकता का माहौल बना हुआ था, उस पर आज अचानक से ब्रेक लग गया है।
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुलने के साथ ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने लगभग 435 अंक या 0.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, और इसका स्तर 77,745.61 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी 138.70 अंक या 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,260.00 पर ट्रेंड कर रहा था। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
बाजार की स्थिति और क्षेत्रीय प्रदर्शन
आज के कारोबार में लार्जकैप कंपनियों के साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 169 अंक या 0.27 प्रतिशत नीचे गिरकर 62,116 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 55 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,164 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि निवेशकों का आत्मविश्वास फिलहाल कम हुआ है और वे अधिक सतर्क हो गए हैं।
ऑयल, गैस और ऑटो स्टॉक्स पर दबाव
आज के कारोबार में सबसे अधिक दबाव ऑयल एवं गैस और ऑटो सेक्टर पर देखा गया। निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी ऑटो टॉप लूजर्स साबित हुए, जिनमें भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, इंफ्रा, मीडिया, पीएसई, कमोडिटीज और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर भी लाल निशान में रहे। वहीं, फार्मा, हेल्थकेयर, आईटी और डिफेंस सेक्टर के शेयर हरित निशान में रहे, जो दर्शाता है कि कुछ सेक्टर अभी भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
बाजार की बात करें तो सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस, पावर ग्रिड और टेक महिंद्रा जैसे नाम लाभ में रहे। दूसरी ओर, इंडिगो, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, एलआईसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, ट्रेंट और भारती एयरटेल जैसे बड़े नाम आज के गिरावट के शिकार रहे। यह स्पष्ट है कि बाजार में अभी भी अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों का हाल और कारण
एशियाई बाजारों में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। टोक्यो और सोल के बाजार लाल निशान में हैं, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजार अभी हरे रंग में हैं। वहीं, अमेरिका के प्रमुख बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए, जिसके पीछे मुख्य कारण अमेरिका-ईरान तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए हैं और उसके तेल बेचने के लाइसेंस को रद्द कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आया है। इस तनाव का असर पूरे विश्व के बाजारों पर पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आज तेजी से बढ़ीं हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान पर ताजा हमले होर्मुज के समुद्री रास्ते पर गुजर रहे तीन तेल यातायात जहाजों पर किए गए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। तेल की कीमतों में आए इस तेजी ने ऊर्जा कंपनियों के शेयरों को भी प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत आज 2.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ 72.33 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा था।






















