चीन के इस अनोखे अंतिम संस्कार ने मचाई सनसनी

Chinese Family Mercedes Burial: पिता के इसी शौक को आगे बढ़ाते हुए बच्चों ने एक मर्सिडीज-बेंज S450L को उनकी कब्र का हिस्सा बनाने का फैसला किया। यह लग्जरी कार भारतीय मुद्रा में लगभग 1.49 करोड़ रुपये (1.1 मिलियन युआन) की है। इसके अलावा, कार पर लगी '8888' नंबर प्लेट भी काफी खास थी, जिसकी कीमत अकेले 13 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।

चीन में 'अमीरी' का अजीबोगरीब अंतिम संस्कार

HIGHLIGHTS

  • कब्र में दफनाई 1.49 करोड़ की मर्सिडीज
  • चीन: कार दफनाने पर सरकार की सख्त कार्रवाई
  • कब्र के साथ दफनाई लग्जरी कार
  • करोड़ों की कार दफनाने पर जुर्माना
  • चीन: कब्र में गई शानदार मर्सिडीज

Chinese Family Mercedes Burial: दुनिया में अजीबो-गरीब घटनाओं की कमी नहीं है, लेकिन चीन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। एक अमीर परिवार ने अपने मृतक पिता के प्रति सम्मान और प्यार दिखाने के नाम पर करोड़ों रुपये की लग्जरी कार को उनकी कब्र के साथ जमीन में दफना दिया। हालांकि, यह ‘शाही अंतिम संस्कार’ ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया और सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए परिवार को भारी जुर्माने के साथ कार बाहर निकलवाने का आदेश दिया है।

पिता के शौक को सम्मान देने का अनोखा तरीका

बता दें कि साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के लियाओनिंग प्रांत में हुई इस घटना का मृतक व्यक्ति कारों का बेहद शौकीन था। अपने पिता के इसी शौक को आगे बढ़ाते हुए बच्चों ने एक मर्सिडीज-बेंज S450L को उनकी कब्र का हिस्सा बनाने का फैसला किया। यह लग्जरी कार भारतीय मुद्रा में लगभग 1.49 करोड़ रुपये (1.1 मिलियन युआन) की है। इसके अलावा, कार पर लगी ‘8888’ नंबर प्लेट भी काफी खास थी, जिसकी कीमत अकेले 13 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।

अंतिम विदाई का शाही अंदाज

इस अनोखे अंतिम संस्कार के दौरान कार को लाल कपड़े से ढककर एक बड़े गड्ढे में उतारा गया। कार के शीशों पर लाल रिबन बांधे गए थे। परिवार का मानना था कि इस तरह से उनके पिता मरने के बाद भी परलोक में अपनी पसंदीदा कार का आनंद ले सकेंगे। गांव के उन लोगों को जिन्होंने कार को गड्ढे में उतारने में मदद की, उन्हें परिवार की ओर से 500 युआन के ‘रेड एनवेलप’ (शगुन के रूप में पैसे) भी दिए गए।

सरकार ने कहा ‘सामंती अंधविश्वास’, लगाया जुर्माना

जैसे ही इस आलीशान दफन की खबर स्थानीय प्रशासन तक पहुंची, तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अगले ही दिन सिविल अफेयर्स ब्यूरो ने परिवार को तलब कर इस कृत्य को ‘सामंती अंधविश्वास’ करार दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि असली कार दफनाना पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सीधा उल्लंघन है और यह समाज में गलत संदेश देता है।

सरकार ने परिवार को न सिर्फ फटकार लगाई, बल्कि सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई। प्रशासन ने परिवार को कार बाहर निकालने के लिए खुदाई का पूरा खर्च उठाने का आदेश दिया है। साथ ही, उस जगह की सफाई और पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई का जिम्मा भी परिवार पर डाला गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गैर-कानूनी काम के लिए परिवार पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई। हालांकि इंटरनेट पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है। कुछ लोगों का मानना है कि यह परिवार का निजी दुख और प्यार है, जिसे अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए।

लेकिन बहुमत लोगों ने इसे ‘अमीरी का भद्दा प्रदर्शन’ करार दिया है। एक यूजर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “लोग अपनी अगली दुनिया के बारे में इतने व्यस्त हैं कि इस दुनिया की गंदगी और पर्यावरण को नजरअंदाज कर रहे हैं।” लोगों का कहना है कि ऐसी बेवकूफी पर सरकार को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

बता दें कि चीन में पारंपरिक रूप से मृतकों को दी जाने वाली चीजों (जैसे कागज की कार या घर) को जलाया जाता है, ताकि वह परलोक में उन्हें मिल सकें। लेकिन असली और महंगी कार को जमीन में दफनाने का यह पहला मामला है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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