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दिल्ली में चोरों का नया तरीका, पुलिस भी हैरान

Delhi News: मयूर विहार फेज-3 के पॉकेट A2 स्थित साईं मंदिर रोड पर रोजाना की तरह कई वाहन पार्क किए गए थे। 11 जून 2026 की सुबह जब कार मालिक सुबह की सैर पर निकले या अपने काम के लिए घर से बाहर निकले, तो उन्हें कुछ अजीब दिखा।

मयूर विहार में कारों की पिछली नंबर प्लेट चोरी से हड़कंप

HIGHLIGHTS

  • मयूर विहार में रहस्यमयी चोरी
  • कारों की नंबर प्लेट गायब
  • दिल्ली में नया चोरी गैंग?
  • सिर्फ पिछली प्लेट निशाने पर
  • दिल्ली में अनोखी चोरी

Delhi News: दिल्ली में अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं। जहां पहले वाहन चोरी या उनके कीमती पार्ट्स चुराने की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं अब एक नया और अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 में रहने वाले लोग इन दिनों एक अजीब चोरी के चक्कर में परेशान हैं। यहां चोर कारों को चुराने के बजाय सिर्फ ‘नंबर प्लेट’ पर निशाना बना रहे हैं और वो भी सिर्फ पिछली वाली। इस अनोखी घटना को लेकर इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों में सुरक्षा को लेकर काफी चिंता व्याप्त है।

सुबह उठकर हुआ हादसा

घटना की जानकारी के मुताबिक, मयूर विहार फेज-3 के पॉकेट A2 स्थित साईं मंदिर रोड पर रोजाना की तरह कई वाहन पार्क किए गए थे। 11 जून 2026 की सुबह जब कार मालिक सुबह की सैर पर निकले या अपने काम के लिए घर से बाहर निकले, तो उन्हें कुछ अजीब दिखा। दो निवासियों को जब अपनी कारों की जांच करने का मौका मिला, तो उनके होश उड़ गए। उनकी कारों की पिछली नंबर प्लेट कहीं नजर नहीं आ रही थी। आमतौर पर अगर कोई चोरी करता है, तो वो नुकसान पहुंचाने के लिए दोनों प्लेटें उतार लेता है, लेकिन यहां हालात अलग थे। कारों के आगे की नंबर प्लेट अपनी जगह पर सुरक्षित थीं, जबकि पिछली प्लेट गायब थी।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में ऐसी घटना सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि यह इलाके में हो रही चोरी या नुकसान पहुंचाने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां खड़ी गाड़ियों के कवर चोरी हो चुके हैं। न केवल कवर, बल्कि वाहनों के टायरों को भी जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है। लगातार हो रही इन छोटी-छोटी लेकिन परेशान करने वाली घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना को गहरा दिया है। लोगों का मानना है कि या तो कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो शरारत कर रहा है, या फिर कोई बड़ी साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है।

पड़ोसियों में भी दहशत

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सिलसिला केवल इन दो लोगों तक सीमित नहीं है। पड़ोस में रहने वाले कई अन्य लोगों की कारों की नंबर प्लेट भी पहले चोरी हो चुकी हैं। हालांकि, शिकायतकर्ताओं को इस बात की जानकारी नहीं है कि क्या पिछले मामलों में पीड़ितों ने पुलिस के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी या नहीं। लेकिन, इस बार लोग चुप नहीं बैठने वाले थे। लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों को एकजुट होकर कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर दिया है।

पुलिस को दी गई शिकायत

इस मामले में ताजा शिकायत दर्ज कराने वालों में सुधाकर पल्लेम और सुमित सामंता शामिल हैं। दोनों पीड़ितों ने इस चोरी को लेकर गाजीपुर थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को एक लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में उन्होंने अपने वाहनों का विवरण और अपने पते-संपर्क की पूरी जानकारी दी है। सुधाकर पल्लेम की कार का नंबर DL14CK8773 है, जबकि सुमित सामंता की कार का नंबर DL1CR8562 है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कैसे उनके वाहन नियमित रूप से साईं मंदिर रोड पर पार्क होते हैं और वहां की सुरक्षा व्यवस्था कितनी ढीली है।

निगरानी बढ़ाने की मांग

अपनी शिकायत के अंत में दोनों निवासियों ने पुलिस से इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ाने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा है कि वाहन मालिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को अधिक सक्रिय और सतर्क होने की जरूरत है। शिकायत में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ी घटना भी घट सकती है।

पुलिस ने दिया आश्वासन

पीड़ितों की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने निवासियों को आश्वासन दिया है कि वे इस मामले की जांच करेंगे और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की जाएगी, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

चोरी के पीछे क्या हो सकता है मकसद?

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ पिछली नंबर प्लेट चुराने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। कई बार अपराधी अपनी गाड़ी पर चोरी की प्लेट लगाकर किसी अपराध को अंजाम देते हैं, ताकि सीसीटीवी में नंबर कैमरे में कैद होने पर पुलिस की नजर पिछले मालिक पर पड़े। वहीं, कुछ लोग टोल टैक्स या ट्रैफिक चालान से बचने के लिए भी ऐसा करते हैं। हालांकि, यहां सिर्फ पिछली प्लेट चुराने का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह चिंताजनक जरूर है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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