Gurugram News: तकनीक के इस दौर में जहां सरकार डिजिटल इंडिया का नारा देती है, वहीं गुरुग्राम के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में ऑनलाइन व्यवस्था आम जनता के लिए एक परेशानी बनकर सामने आ रही है। आरटीओ कार्यालय में लगातार मनमानी और आधार कार्ड की जानकारी के बावजूद ऑनलाइन दिखावा किया जा रहा है। इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है, जो शुल्क चुकाने के बाद भी अपना काम नहीं करवा पा रहा है।
आधार में छोटा सा सुधार, बड़ी परेशानी
एक बड़ी संख्या में लोगों ने अपने आधार कार्ड में छोटा-मोटा सुधार (जैसे स्पेलिंग या पते में मामूली बदलाव) करवा लिया है। हैरानी की बात यह है कि आधार कार्ड में पूरा नंबर और सभी जानकारी सही होने के बाद भी परिवहन विभाग का ऑनलाइन पोर्टल इसे अपडेट नहीं कर रहा है। आरोप है कि अधिकारी जानबूझकर ‘एस और आर’ (SR) के चक्कर में फंसाकर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
दलालों की लूट जारी
सिस्टम में खामियों का फायदा उठाकर यहां दलालों की लूट जारी है। जब आम जनता ऑनलाइन पोर्टल पर अपना काम नहीं कर पाती, तो वह मजबूर होकर दलालों या अन्य माध्यमों का सहारा लेने पर मजबूर हो जाती है। गुरुग्राम आरटीओ लगभग एक लूट का अंबार बनता जा रहा है, जहां आम आदमी की जेबें ढीली कराई जा रही हैं।
PUC के चक्कर में भी गुमराह
यही स्थिति प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र को लेकर भी देखने को मिल रही है। बहुत से लोग PUC को ऑनलाइन सही करवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा। जब ऑनलाइन सिस्टम काम नहीं करता, तो परेशान जनता सीधे परिवहन विभाग और आरटीओ कार्यालय पर अपनी आवाज बुलंद कर रही है और क्लेम कर रही है।
जनता में रोष
लोगों का कहना है कि जब सारे दस्तावेज और आधार कार्ड सही हैं, तो फिर आरटीओ ऑफिस में उन्हें परेशान क्यों किया जा रहा है? अगर विभाग सच में पारदर्शी है, तो उसे ऑनलाइन गलतियों को ठीक करना चाहिए, ताकि लोगों को दलालों के चक्कर में पड़ना पड़े। फिलहाल, आरटीओ की इस मनमानी से गुरुग्राम की जनता काफी खिन्न नजर आ रही है।























