छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने गणेशोत्सव के अवसर पर स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया है, जो शहरवासियों के लिए एक प्रेरणादायक और जागरूकता फैलाने वाला संदेश है। इस पर्व का आयोजन न केवल श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक है, बल्कि यह स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। महापौर समीर राजूरकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में अपने विचार व्यक्त किए और नागरिकों से प्लास्टिक मुक्त गणेशोत्सव मनाने की अपील की है। आइए, इस पावन पर्व की महत्ता और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी पर नज़र डालते हैं।
गणेशोत्सव का महत्त्व और स्वच्छता का संदेश
गणेशोत्सव, जो कि हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, श्रद्धा और उल्लास का पर्व है। इस वर्ष छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने इस त्योहार को खास तौर पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाने का निर्णय लिया है। महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि यह उत्सव केवल भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का अवसर ही नहीं है, बल्कि यह शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का भी एक माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस पर्व के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान देने के लिए नागरिकों का जागरूक करना आवश्यक है, ताकि हमारा शहर स्वच्छता के मामले में मिसाल बन सके।
कार्यक्रम का आयोजन और विशेष आयोजन
इस वर्ष की गणेशोत्सव की शुरुआत मनपा मुख्यालय परिसर में प्राणप्रतिष्ठा के साथ हुई। महापौर, स्थायी समिति सभापति अनिल मकरीये और आयुक्त अमोल येडगे सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस शुभ अवसर पर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भव्य गणेश प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा विधि सम्पन्न हुई, जिसमें सभी ने मिलकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला, और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर बल
महापौर ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि गणेशोत्सव का आयोजन स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के आदर्शों के साथ होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस पर्व के दौरान प्लास्टिक का उपयोग न करें और पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाएं। प्लास्टिक मुक्त उत्सव मनाने के प्रति भी उन्होंने जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। महापौर ने कहा कि प्लास्टिक का अधिक उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, और हमें इसके स्थान पर प्राकृतिक और पर्यावरण मित्र विकल्पों का प्रयोग करना चाहिए।
सामाजिक जागरूकता और कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष पथनाट्य का आयोजन किया गया, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया। कलाकारों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से बताया कि कैसे प्लास्टिक का उपयोग कम कर हम अपने शहर और पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। इस नाट्य का मकसद नागरिकों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें पर्यावरण-संरक्षित कदम उठाने के लिए प्रेरित करना था।
अधिकारियों और कर्मचारीगण का योगदान
गणेशोत्सव के इस शुभ अवसर पर शहर के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारीगण भी उपस्थित थे। इनमें शहर अभियंता संजय कोंबडे, अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटील, उप आयुक्त अभय प्रामाणिक, मुख्य उद्यान अधिकारी विजय पाटील, सहायक आयुक्त लता पुजारी आदि शामिल थे। इन सभी ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसके साथ ही, उनका प्रयास था कि शहरवासी भी इस दृष्टिकोण को अपनाएं और अपने घरों व गलियों को स्वच्छ रखें।
गणेशोत्सव का उद्देश्य और नागरिकों की भागीदारी
छत्रपति संभाजीनगर मनपा का यह कदम शहरवासियों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि त्योहार केवल पूजा-अर्चना का नहीं, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य का भी उत्सव है। मनपा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस पर्व में प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छता को प्राथमिकता दें। साथ ही, नागरिक अपनी भागीदारी से इस पर्व को सफल बनाएं और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाएं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि शहर का स्वास्थ्य और सौंदर्य भी बढ़ेगा।

























