सोनभद्र में ‘लैंड जिहाद’ का बड़ा भंडाफोड़

बाहरी लोगों ने आदिवासी जमीन को बनाया बेनामी प्रॉपर्टी (फाइल फोटो)

UP News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील में प्रशासन ने ‘लैंड जिहाद’ का एक बड़ा खेल खत्म करते हुए आदिवासी जमीनों पर अवैध कब्जे का पर्दाफाश किया है। पुलिस और प्रशासन की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार जैसे बाहरी राज्यों से आए मुस्लिम पुरुषों ने स्थानीय अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं से शादी कर करोड़ों रुपये की जमीनें हड़प लीं।

शादी की आड़ में चला बेनामी जमीन का खेल

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत आदिवासी महिलाओं से निकाह किया, लेकिन कागजी कार्रवाई में महिलाओं के हिंदू नाम बनाए रखे। इसका मकसद आदिवासियों के लिए आरक्षित जमीनों पर कब्जा करना था, क्योंकि कानूनन आदिवासी की जमीन केवल आदिवासी ही खरीद सकता है। इस नियम का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने इन महिलाओं के नाम पर बेनामी रजिस्ट्रियां करवाईं और वहां अपने रिश्तेदारों को बसाकर इलाके की डेमोग्राफी बदल दी।

यह भी पढ़ें : 5 दिन बाद बदल जाएंगे कायदे-कानून, जानें पूरा गणित

सरगना बहादुर अली और उसके साथियों का खेल

मामले का मुख्य सरगना बहादुर अली बताया जा रहा है। आरोप है कि बहादुर अली ने एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म के बाद कोर्ट मैरिज की और फिर उसकी आड़ में 19 जगहों पर जमीनें खरीदीं। उसने 17 बीघा जमीन पर अपने करीबियों को बसा दिया। इसी तरह, एक अन्य आरोपी तनवीर ने कुंती जगते नाम की महिला से शादी कर झारखंड और छत्तीसगढ़ के अपने परिचितों को वहां दुकानें और घर बनवाकर बसा दिया। सिराज नाम के आरोपी ने भी ननकी नाम की महिला के नाम पर जमीन लेकर बाहरी राज्यों के लोगों को बसाया।

बदलती डेमोग्राफी और बढ़ता खतरा

दुद्धी क्षेत्र के बघाडू गांव और आसपास के इलाकों में बीते कुछ सालों में आबादी का आकृति बदल गई। कनहर बांध परियोजना के विस्थापन के दौरान यह गतिविधियां और तेज हुईं। जहां कभी दो परिवार थे, वहां अब 200 परिवारों और 1000 लोगों की बस्ती बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदिवासियों को मामूली रकम देकर उनके नाम का इस्तेमाल जमीनों की रजिस्ट्री के लिए किया गया।

पीड़िता का आरोप- शादी के नाम पर था जमीन हड़पने की साजिश

पीड़ित युवती रेणु कुमारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नसीमुद्दीन और अब्दुल सुभान उन पर शादी के लिए दबाव बना रहे थे। जब उन्होंने मना किया तो जेल से छूटने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। रेणु का कहना है कि यह सब उनकी जमीन हड़पने की साजिश थी। वहीं, एक अन्य आदिवासी मंगल सिंह की जमीन पर शरीफ जुगनू ने कब्जा कर लिया था।

प्रशासन सख्त, 15 बीघा जमीन की वापसी

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद अब तक 15 बीघा जमीन सरकार के नाम वापस कराई गई है। मास्टरमाइंड बहादुर अली सहित अन्य संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है और प्रशासन आगे भी ऐसे मामलों की जांच कर रहा है ताकि आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जों को रोका जा सके।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now