शंकराचार्य ने योगी सरकार को दी खुली चुनौती, बढ़ा टकराव

UP News: शंकराचार्य ने अपने भाषण में योगी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गाय की रक्षा के मुद्दे पर अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा पा रहे हैं। उनका कहना था कि अगर मुख्यमंत्री में इच्छाशक्ति होती, तो वे केंद्र की परवाह किए बिना गोमाता को 'राज्यमाता' घोषित कर सकते थे।

शंकराचार्य की गोविष्टि यात्रा से गोरखपुर में सियासी हलचल तेज

HIGHLIGHTS

  • गोविष्टि यात्रा का आगाज, योगी सरकार पर तीखे सवाल
  • अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान: “किसी में हिम्मत नहीं मुझे मरवा दे”
  • गोरखपुर से शुरू हुई 81 दिन की यात्रा ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान
  • शंकराचार्य का हमला: गाय संरक्षण पर सरकार नाकाम
  • योगी आदित्यनाथ पर परोक्ष निशाना, शंकराचार्य ने बताया कमजोर नेतृत्व

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से शुरू हुई ‘गोविष्टि यात्रा’ ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने भारत माता मंदिर के सामने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए ऐसे बयान दिए जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया। यात्रा के शुभारंभ पर उन्होंने खुलकर धमकियों का जिक्र किया और बिना नाम लिए सीएम योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कमजोर’ करार दिया।

धमकियों का खुलासा और सत्ता को चेतावनी

अपने संबोधन की शुरुआत में शंकराचार्य ने दावा किया कि यात्रा शुरू करने से पहले उन्हें कई तरह से डराया धमकाया गया। हालांकि, उन्होंने निडरता दिखाते हुए कहा कि किसी के माई के लाल में हिम्मत नहीं है कि हमें मरवा दे। अगर कोई पार्टी ऐसा करने की कोशिश करेगी, तो वह सत्ता से बेदखल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की असली आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गोरखपुर की जनता निडर है।

मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार- ‘कमजोर नेतृत्व’

शंकराचार्य ने अपने भाषण में योगी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गाय की रक्षा के मुद्दे पर अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा पा रहे हैं। उनका कहना था कि अगर सीएम योगी में इच्छाशक्ति होती, तो वे केंद्र की परवाह किए बिना गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा क्योंकि वोट बैंक की राजनीति हावी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि मुस्लिम और अन्य समुदायों के वोटों के डर से सरकार गोरक्षा पर सख्त निर्णय लेने से बच रही है।

वोट बैंक की राजनीति और ‘दूध-खून’ की नसीहत

शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों की ‘खुले तौर पर हर वर्ग का वोट चाहने’ वाली रणनीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने एक चौंकाने वाला उदाहरण देते हुए कहा कि क्या आप गाय का दूध और खून एक साथ मिलाकर पी सकते हैं? नहीं। फिर वोट की राजनीति में ऐसा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि जनता को तय करना है कि उसे गाय की रक्षा चाहिए या हत्या, क्योंकि लोकतंत्र में “सरकार हम हैं, जनता ही असली सत्ता है।

81 दिनों की यात्रा, 81 युद्धों की तैयारी

इस यात्रा को लेकर शंकराचार्य ने एक बड़े खाके का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह 81 दिनों की यात्रा होगी और इस दौरान 81 “युद्धों” (संघर्षों) की चर्चा की जाएगी। उन्होंने लोगों से ‘एक वोट, एक नोट’ का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि हर विधानसभा में गोरक्षा के लिए ‘रामाधाम’ बनाए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में बूचड़खानों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा।

‘यह मेरी अकेले की आवाज नहीं’

अपने भाषण के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मेरी अकेले की आवाज नहीं है। यह चारों शंकराचार्यों की सामूहिक आवाज है। उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल से संबंध होने से इनकार करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल सनातन धर्म और गोरक्षा के लिए जनआंदोलन खड़ा करना है।

गोरखपुर से निकली यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रह गई है, बल्कि यह सत्ता और संघ परिवार के गढ़ में एक ऐसे सवाल की तरह है जिसे अगले 81 दिन तक राजनीतिक गलियारों में गूंजता हुआ देखा जाएगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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