राहुल गांधी के दौरे पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग

War of words between BJP and Congress: राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए और उनकी विदेश यात्राओं का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल विदेश में छात्रों और बुद्धिजीवियों से संवाद करते हैं।

राहुल विदेश रवाना, कांग्रेस ने भाजपा को दिया जवाब

HIGHLIGHTS

  • राहुल के वियतनाम दौरे पर भाजपा का तंज
  • राहुल के विदेश दौरे पर भाजपा का बड़ा सवाल
  • भाजपा बोली—राहुल विदेश दौरे का खर्च बताएं
  • राहुल के वियतनाम दौरे पर कांग्रेस का पलटवार

War of words between BJP and Congress: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वियतनाम रवाना होने की खबर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने एक वीडियो साझा कर दावा किया कि राहुल गांधी विदेश जा रहे हैं और तंज कसते हुए इसे “रिजीम चेंज की ट्रेनिंग” से जोड़ दिया।

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान छात्रों और बुद्धिजीवियों से संवाद करते हैं। भाजपा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “झूठ फैलाते-फैलाते थक गया, कुछ दिन वियतनाम घूम आता हूं, किसी को क्या ही पता चलेगा!” पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे के समय और उद्देश्य पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने जवाब में कहा कि बीजेपी राहुल गांधी की यात्रा को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।

भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे पर साधा निशाना

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी यात्रा के बाद विदेश गए थे और इस बार भी उनके वियतनाम जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि बिहार में यात्रा के बाद राहुल गांधी कथित तौर पर लंबे समय के लिए विदेश गए थे। भाजपा नेता शाज़िया इल्मी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “दो हफ्ते भी काम नहीं कर पाए” और अब उनकी “पर्यटन यात्रा” फिर शुरू हो गई है।शाज़िया इल्मी ने वोट चोरी के मुद्दे को बहाना बताते हुए राहुल गांधी को आलसी करार दिया। ये आरोप भाजपा नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं; कांग्रेस ने इन पर अलग से जवाब दिया है।

विदेश यात्राओं का विवरण सार्वजनिक करने की मांग

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपना काफी समय विदेश यात्राओं में बिताते हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी भारत लौटकर किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं। प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी से पिछले दो-तीन वर्षों की विदेश यात्राओं का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने यह भी पूछा कि राहुल गांधी इन यात्राओं के दौरान किन लोगों से मिलते हैं और यात्रा का खर्च कौन उठाता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी एक सार्वजनिक हस्ती हैं, इसलिए जनता को उनके विदेशी दौरों के उद्देश्य और खर्च की जानकारी मिलनी चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने भी राहुल गांधी की यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि वे विपक्ष के नेता के तौर पर किसी काम से विदेश गए हैं या छुट्टी मनाने। जिलानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आंदोलन में शामिल होने के बाद विदेश चले जाते हैं। ये टिप्पणियां भाजपा की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों पर दिया जवाब

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भाजपा के सवालों का जवाब देते हुए पूछा कि राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी को क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेश दौरों के दौरान छात्रों और बुद्धिजीवियों से बातचीत करते हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करते हैं।

संदीप दीक्षित ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री के विदेश न जाने की परंपरा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री ने यह परंपरा तोड़ी थी। उनके मुताबिक, उस समय बीजेपी की ओर से सवाल नहीं उठाए गए। कांग्रेस ने इस तरह बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर सियासी घमासान

राहुल गांधी के वियतनाम दौरे को लेकर विवाद अब यात्रा के उद्देश्य, खर्च और सार्वजनिक जानकारी की मांग तक पहुंच गया है। भाजपा नेताओं ने उनके विदेश दौरों का ब्योरा सार्वजनिक करने को कहा है, जबकि कांग्रेस ने यात्रा को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक हमला बताया है।

फिलहाल, राहुल गांधी के इस दौरे के कार्यक्रम, अवधि और वहां होने वाली मुलाकातों के बारे में साझा जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बीजेपी की मांग और कांग्रेस के जवाब के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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