राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह का तीखा हमला, जानिए वजह

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर चुनाव आयोग, युवाओं के राजनीतिक इस्तेमाल और देश में अस्थिरता के आरोप लगाए। जानिए उनके बयान की पूरी जानकारी।

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को क्यों सुनाई खरी-खरी?

HIGHLIGHTS

  • राहुल गांधी से राजनाथ सिंह ने पूछे रायबरेली पर सवाल
  • कांग्रेस पर राजनाथ का बड़ा आरोप, युवाओं को लेकर क्या बोले?
  • ‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’ वाले बयान से गरमाई देश की राजनीति
  • चुनाव आयोग पर कांग्रेस का इतिहास गिनाकर राजनाथ ने घेरा

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर राजनीति करने और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। लखनऊ में दिए बयान में उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक संघर्ष संवैधानिक दायरे में रहकर होना चाहिए।

‘कांग्रेस ने चुनाव आयोग को कठपुतली बनाकर रखा’

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को अपने हित में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने 1993 में चुनाव आयोग में किए गए बदलावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस समय रातों-रात दो चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की उस सिफारिश का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की बात कही थी। राजनाथ सिंह के अनुसार, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि चावला ने आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने चावला का बचाव किया और बाद में उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया। ये आरोप केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं, इन्हें उनके दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

युवाओं को राजनीतिक टकराव का औजार बनाने का आरोप

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कामों के बजाय राजनीतिक संघर्ष की ओर मोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने के बजाय उन्हें विरोध और टकराव की राजनीति में इस्तेमाल किया जा रहा है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने के अवसर दें। उनके मुताबिक, प्रदर्शन और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें अराजकता या हिंसा का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

‘बांग्लादेश जैसी स्थिति’ पर विपक्ष को घेरा

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर भारत में अस्थिरता पैदा करने और बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्षी नेताओं के कुछ बयानों को सरकार बदलने और राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने की मंशा से जोड़ते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है।

विपक्ष के रुख और उसके नेताओं के बयानों को समझने के लिए उनके मूल संदर्भ और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं देखना जरूरी है। सिंह ने कहा कि सरकार की आलोचना लोकतंत्र में स्वीकार्य है, लेकिन संस्थाओं को कमजोर करने या राजनीतिक टकराव बढ़ाने से देश की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

चुनाव सुधार और संस्थाओं की विश्वसनीयता

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चुनाव सुधार और एसआईआर जैसे मुद्दों पर बहस तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख बनाए रखना केवल सरकार नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम कर रहा है। वहीं, लोकतंत्र में संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाना और सुधार की मांग करना भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है। अहम यह है कि ऐसे दावे प्रमाणों और उचित प्रक्रिया के साथ सामने रखे जाएं।

राहुल गांधी से रायबरेली और कांग्रेस की स्थिति पर सवाल

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या कांग्रेस समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना रायबरेली की सीट जीत सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति और पार्टी नेताओं के बीच कथित मतभेदों का भी जिक्र किया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही नेताओं का एक-दूसरे पर भरोसा न होना पार्टी के दावों पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई में दिखाई देने वाले मतभेदों के लिए क्या भाजपा को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ये टिप्पणियां विपक्ष पर उनके व्यापक राजनीतिक हमले का हिस्सा थीं।

‘गांधी नाम इस्तेमाल करने का नैतिक अधिकार खो दिया’

अपने बयान के सबसे तीखे हिस्से में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने हिंसा और अराजकता की राजनीति के जरिए ‘गांधी’ नाम इस्तेमाल करने का नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता पार्टी के प्रदर्शन का आकलन खुद करती है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और उनके साथियों से कहा कि लोकतंत्र राजनीतिक अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचाने या देश की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी को भी इसी संदर्भ में संकेत बताया।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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