दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में इस बार केवट प्रसंग ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रसिद्ध गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी ने केवट की भूमिका निभाकर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराने के भावपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया। उनकी गायकी और प्रस्तुति ने रामलीला के माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य अतिथि भी रामलीला देखने पहुंचे।
मनोज तिवारी की प्रस्तुति ने बांधा समां
लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, केवट प्रसंग इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान गंगा नदी पार करने से जुड़ा यह प्रसंग भक्ति, सेवा, समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। मंच पर मनोज तिवारी ने केवट के चरित्र को अपनी आवाज और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया।
रामायण के इस प्रसंग में केवट का भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम और उनकी सेवा करने की भावना विशेष महत्व रखती है। लव कुश रामलीला में इस दृश्य के मंचन ने दर्शकों को रामकथा के भावनात्मक पक्ष से जोड़ने का प्रयास किया। मनोज तिवारी की भागीदारी ने धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक और कलात्मक दृष्टि से भी खास बनाया।
लाल किला मैदान में होने वाली लव कुश रामलीला दिल्ली के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में गिनी जाती है। यहां हर वर्ष रामायण के विभिन्न प्रसंगों को भव्य मंचन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक रुचि लेते हैं।
दशरथ के देहावसान से भरत मिलाप तक का भावपूर्ण मंचन
रामलीला के दौरान केवल केवट प्रसंग ही नहीं, बल्कि रामायण के कई महत्वपूर्ण और भावनात्मक दृश्यों का भी मंचन किया गया। इनमें सुमंत की वापसी, राजा दशरथ के देहावसान, भरत और कैकेयी के बीच संवाद तथा चित्रकूट में भरत मिलाप जैसे प्रसंग शामिल रहे।
इन दृश्यों के माध्यम से भगवान श्रीराम के प्रति परिवार के सदस्यों के प्रेम, त्याग और समर्पण को दर्शाया गया। राजा दशरथ के देहावसान का प्रसंग जहां पारिवारिक वियोग और दुख को सामने लाता है, वहीं भरत-कैकेयी संवाद कर्तव्य, पश्चाताप और पारिवारिक संबंधों की जटिलताओं को उजागर करता है।
चित्रकूट में भरत मिलाप रामायण के सबसे भावुक प्रसंगों में से एक है। यह दृश्य भाईचारे, त्याग और सत्ता से ऊपर पारिवारिक मूल्यों की स्थापना का संदेश देता है। रामलीला के इन प्रसंगों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति में आदर्श परिवार, मर्यादा और धर्म के महत्व की याद दिलाई।
नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने देखी रामलीला
लव कुश रामलीला में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, सांसद प्रवीण खंडेलवाल, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद एवं कलाकार मनोज तिवारी तथा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और रामलीला का अवलोकन किया।
वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी ने इस सांस्कृतिक आयोजन को विशेष महत्व दिया। रामलीला जैसे पारंपरिक कार्यक्रम भारतीय समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सार्वजनिक रुचि को दर्शाती है।
रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक: नितिन नवीन
कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रामलीलाओं के सांस्कृतिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक हैं। भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। रामायण की कथाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सामाजिक जीवन, पारिवारिक दायित्वों और नैतिक मूल्यों से जुड़े कई संदेश भी समाहित हैं।
भगवान श्रीराम का चरित्र सत्य, धर्म और मर्यादा के पालन का उदाहरण माना जाता है। रामलीला के मंचन के जरिए इन्हीं मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
लव कुश रामलीला कमेटी के महामंत्री सुभाष गोयल ने बताया कि कार्यक्रम के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों और सांसदों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान कमेटी से जुड़े पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। इनमें पवन गुप्ता, सत्यभूषण जैन, अखिल सिंघल और बृजमोहन गोयल सहित कई लोग शामिल थे।
आयोजन के दौरान रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों के मंचन, कलाकारों की प्रस्तुतियों और अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को खास बनाया। लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित इस तरह के कार्यक्रम धार्मिक परंपराओं को मंचीय कला के माध्यम से प्रस्तुत करने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भक्ति, संस्कृति और मर्यादा का संदेश देती है लव कुश रामलीला
लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में केवट प्रसंग से लेकर भरत मिलाप तक की प्रस्तुतियों ने रामायण के विविध भावनात्मक और नैतिक पक्षों को सामने रखा। मनोज तिवारी द्वारा केवट की भूमिका निभाना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा, जबकि नितिन नवीन और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को अतिरिक्त चर्चा दिलाई।
रामलीला की विशेषता यह है कि इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों तक नैतिकता, त्याग, सेवा और कर्तव्य के संदेश पहुंचाए जाते हैं। यही कारण है कि रामलीला भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।



























