Chandrashekhar Azad’s challenge to CM Yogi: यूपी चुनाव 2027 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बाद अब नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनावी चुनौती दी है। उन्होंने सीएम योगी से बिजनौर जिले की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने को कहा और दावा किया कि वह उन्हें हराकर दिखाएंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने यह बयान अमरोहा जिले के हसनपुर में एक चुनावी जनसभा के दौरान दिया। वह भीम आर्मी के प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने बिजनौर की सीटों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को खुली चुनौती दी। साथ ही उन्होंने चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर इस्तेमाल करने की मांग उठाई।
‘बिजनौर की किसी भी सीट से चुनाव लड़िए’
सभा में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि बिजनौर में दो आरक्षित और छह सामान्य विधानसभा सीटें हैं। मुख्यमंत्री इनमें से किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। आजाद के मुताबिक, वह खुद उनके सामने चुनाव मैदान में उतरेंगे और उन्हें हराकर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं कर पाए तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
आजाद ने अपने भाषण में गोरखपुर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह पहले मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में चुनाव लड़ने गए थे और वहां हार का सामना किया था। अब उनका कहना था कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में लोकप्रिय हैं और चुनाव निष्पक्ष तरीके से जीतते हैं, तो उन्हें बिजनौर आकर मुकाबला करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अगर आप लोकप्रिय हैं और वोटों की चोरी करके नहीं जीत रहे हैं, तो आइए, बिजनौर आपका स्वागत करेगा।” उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए बैलेट पेपर से मतदान कराया जाना चाहिए और ईवीएम को अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग की।
आजाद ने धामपुर, बढ़ापुर, बिजनौर सदर और नहटौर जैसी सीटों का नाम लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इनमें से किसी भी क्षेत्र को चुन सकते हैं। उनका दावा था कि वह उस सीट पर सीएम योगी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव का नतीजा जनता की असली पसंद को दिखाएगा और किसी सर्वे के आंकड़े से ज्यादा अहम मतदाताओं का फैसला है।
बैलेट पेपर और ईवीएम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले भी बहस होती रही है। चंद्रशेखर आजाद की मांग ने इस मुद्दे को यूपी चुनाव 2027 से पहले फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके बयान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस चुनौती को स्वीकार करने की कोई प्रतिक्रिया इस संबोधन में सामने नहीं आई।
अखिलेश यादव भी दे चुके हैं चुनावी चुनौती
चंद्रशेखर आजाद से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में संभावित मुकाबले को लेकर चर्चा हुई थी। बाद में अखिलेश यादव ने कहा कि उनका पीडीए का प्रहरी ही काफी है। इस बयान को उनकी ओर से चुनौती के स्वर में बदलाव के तौर पर देखा गया।
अब चंद्रशेखर आजाद ने बिजनौर की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की बात कहकर सियासी चर्चा को नया मोड़ दिया है। दोनों नेताओं की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब यूपी चुनाव 2027 को लेकर दलों और नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में अभी समय है और उम्मीदवारों तथा सीटों को लेकर कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है।
यूपी चुनाव 2027 से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
चंद्रशेखर आजाद का बयान सिर्फ एक सीट या जिले तक सीमित नहीं है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री की लोकप्रियता, चुनाव की निष्पक्षता और ईवीएम—तीनों मुद्दों को उठाया। इससे आगामी चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं की रणनीति और राजनीतिक संदेशों पर चर्चा बढ़ सकती है।
फिलहाल यह चुनौती बयान तक ही सीमित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर की किसी सीट से चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस बारे में कोई घोषणा नहीं हुई है। इसी तरह चंद्रशेखर आजाद की ओर से भी किसी खास विधानसभा सीट का चयन नहीं किया गया है। लेकिन उनके बयान ने साफ कर दिया है कि यूपी चुनाव 2027 से पहले चुनावी मुकाबले और निष्पक्ष मतदान को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।



























