Lok Sabha MP Rahul Gandhi : कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय बयान पर जोरदार हमला बोला। गुजरात के वडोदरा में ‘आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने मध्य पूर्व संकट, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और आदिवासी समुदाय के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।
मध्य पूर्व संकट और PM के भाषण पर हमला
लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी के हाल ही में दिए गए 25 मिनट के संबोधन का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया, “नरेंद्र मोदी ने अभी 25 मिनट का भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला।” उन्होंने मध्य पूर्व संकट पर सरकार के रुख पर सवाल खड़े किए।
US ट्रेड डील को लेकर बड़ा आरोप
अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस नेता ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा, “भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में पहली बार देश के कृषि क्षेत्र को सरकार द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए खोला गया है, ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था।” उन्होंने आरोप लगाया, “भारत का कीमती डेटा अमेरिका को बेच दिया गया। अमेरिकी कंपनियों का टैक्स माफ किया जाता है, जबकि आम नागरिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जाता है। हमने अमेरिका को बहुत कुछ दिया है, लेकिन उनसे कुछ नहीं लिया।”
यह भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच राम कपूर का बड़ा फैसला
‘वनवासी’ बनाम ‘आदिवासी’ का मुद्दा
सम्मेलन में राहुल गांधी ने भाजपा द्वारा ‘आदिवासी’ के स्थान पर ‘वनवासी’ शब्द के इस्तेमाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक गहरी साजिश है। राहुल ने समझाया कि’आदिवासी’ का मतलब है इस जमीन का पहला मालिक, लेकिन ‘वनवासी’ कहकर वे आपको सिर्फ जंगल का निवासी बनाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, “जिससे कल को जब जंगल काट दिए जाएं, तो आपके पास कोई हक न बचे और आप मजदूरी करने पर मजबूर हो जाएं।” उन्होंने दावा किया कि देश में हुआ विकास उन आदिवासियों का नहीं है, जो सदियों से जल-जंगल-जमीन की रक्षा कर रहे हैं।

आदिवासियों के लिए अलग बजट की मांग
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए कई मांगें रखीं। उन्होंने आदिवासियों के लिए अलग बजट और हाई-क्वालिटी शैक्षणिक संस्थानों की मांग की। उन्होंने कहा, “जंगल में रहने वाले हमारे युवाओं को भी अंग्रेजी और आधुनिक शिक्षा की जरूरत है। हमारा सपना है कि कल की CEO की सूची में आदिवासी युवाओं के नाम हों।”
भाजपा-RSS की विचारधारा पर प्रहार
राहुल गांधी ने भाजपा और RSS पर शैक्षणिक संस्थानों को खत्म करने और अपनी विचारधारा थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पिछड़े और आदिवासी वर्गों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा, “हम नफरत के खिलाफ लड़ेंगे। हम आदिवासियों को उनका हक, जल-जंगल-जमीन और विश्वस्तरीय शिक्षा दिलाएंगे। हम देश की रक्षा करेंगे।”
























